निशानेबाज न्यूज़ डेस्क : मध्यप्रदेश के बुरहानपुर जिला अस्पताल में एक बार फिर व्यवस्थाओं को लेकर सवाल खड़े हुए हैं। सीएमएचओ डॉ. राजेंद्र वर्मा ने नवागत सिविल सर्जन डॉ. दर्पण टोके के साथ अस्पताल का औचक निरीक्षण कर विभिन्न वार्डों की स्थिति का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान लेबर रूम, स्पेशल न्यूबॉर्न केयर यूनिट (SNCU) और कोविड-19 वार्ड में कई कमियां सामने आईं, जिन पर तत्काल सुधार के निर्देश दिए गए।
बंद मिला करोड़ों का ICU, स्टाफ की कमी बनी वजह
निरीक्षण में यह तथ्य भी सामने आया कि पूर्व सांसद स्वर्गीय नंदकुमार सिंह चौहान के प्रयासों से करीब ढाई करोड़ रुपये की लागत से तैयार ICU वर्तमान में बंद पड़ा है। वार्ड में जरूरी बेड और संसाधन मौजूद नहीं मिले। इस पर CMHO ने स्पष्ट किया कि स्टाफ की कमी के कारण ICU संचालित नहीं हो पा रहा, हालांकि उपकरण सुरक्षित रखे गए हैं और जल्द व्यवस्था बहाल करने की कोशिश की जाएगी।
कोविड वार्ड की बदहाल स्थिति
कोविड-19 वार्ड पूरी तरह अव्यवस्थित और कबाड़ जैसी स्थिति में पाया गया। इसे लेकर अधिकारियों ने नाराजगी जताई और संबंधित स्टाफ को सुधार के सख्त निर्देश दिए। साथ ही लेबर रूम और SNCU में कार्यरत नर्सिंग स्टाफ को लापरवाही न बरतने की चेतावनी दी गई।
नवागत सिविल सर्जन ने सुधार को बताया प्राथमिकता
पदभार संभालने के बाद डॉ. दर्पण टोके ने अस्पताल में साफ-सफाई, सुव्यवस्थित उपचार व्यवस्था और मरीजों को आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराना अपनी पहली प्राथमिकता बताया। उन्होंने कहा कि चरणबद्ध तरीके से सभी व्यवस्थाओं को दुरुस्त किया जाएगा ताकि मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकें।
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सुधार की दिशा में उम्मीद
अक्सर विवादों में रहने वाला बुरहानपुर जिला अस्पताल अब प्रशासनिक सख्ती के बाद सुधार की ओर बढ़ता दिखाई दे रहा है। हालांकि असली बदलाव तभी माना जाएगा जब निर्देशों का असर जमीनी स्तर पर दिखे और मरीजों को वास्तविक राहत मिले। फिलहाल निरीक्षण के बाद स्वास्थ्य विभाग की सक्रियता बढ़ने के संकेत जरूर मिले हैं।













