J-K Cyber Scam Dr Morphine : श्रीनगर/गंदेरबल (17 फरवरी 2026): जम्मू-कश्मीर पुलिस ने एक अंतरराष्ट्रीय साइबर निवेश घोटाले का भंडाफोड़ किया है। इस घोटाले का मुख्य आरोपी हरियाणा के हिसार का रहने वाला एकांत योगदत्त उर्फ ‘डॉ. मॉर्फिन’ है। गंदेरबल पुलिस की विशेष जांच टीम (SIT) ने उसे दिल्ली अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से उस समय गिरफ्तार किया, जब वह चीन से लौट रहा था।
कैसे काम करता था ‘डॉ. मॉर्फिन’ का नेटवर्क?
एसएसपी गंदेरबल खलील पोसवाल के अनुसार, यह गिरोह सोशल मीडिया और गूगल पर paisavault.com जैसी फर्जी वेबसाइटों के जरिए लोगों को लुभाता था।
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फिलीपींस कनेक्शन: एकांत योगदत्त ने फिलीपींस से एमबीबीएस की पढ़ाई के दौरान ये तकनीकी कौशल सीखा और चीनी नागरिकों के साथ संबंध बनाए।
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लेयरिंग तकनीक: निवेशकों का पैसा पहले कश्मीर के बडगाम, श्रीनगर और गंदेरबल के स्थानीय खातों में मंगाया जाता था, फिर उसे कई स्तरों (Layering) पर घुमाकर देश से बाहर भेज दिया जाता था।
बीपीएल कार्ड धारकों के खातों का दुरुपयोग
जांच में खुलासा हुआ कि यह गिरोह गरीबी रेखा के नीचे (BPL) रहने वाले लोगों को ₹8,000 से ₹10,000 प्रति माह का लालच देकर उनके बैंक खाते और एटीएम कार्ड ले लेता था। इन खातों का उपयोग ‘म्यूल अकाउंट्स’ के रूप में किया जाता था। अब तक 835 ऐसे खातों का पता चला है, जिनमें से 290 खातों में ₹209 करोड़ का लेनदेन सत्यापित हो चुका है। पुलिस का अनुमान है कि यह आंकड़ा ₹400 करोड़ के पार जा सकता है।
कश्मीरी सहयोगी और बैंक कर्मचारी भी शामिल
पुलिस ने घाटी के विभिन्न हिस्सों से 8 अन्य लोगों को गिरफ्तार किया है, जो क्षेत्रीय प्रमुख और ‘अकाउंट मोबिलाइजर’ के रूप में काम कर रहे थे। गिरफ्तार किए गए लोगों में मोहम्मद इब्राहिम शाह, नासिर अहमद गनी, मकसूद अहमद (डॉ. अल्बर्ट), और एक सरकारी शिक्षक तौसीफ अहमद मीर शामिल हैं। कुछ बैंक कर्मचारियों की मिलीभगत भी सामने आई है, जो फर्जी वेबसाइटों के लिए बैंक खातों के क्यूआर (QR) कोड उपलब्ध कराते थे।
टेलीग्राम चैनलों का जाल
धोखाधड़ी के लिए टेलीग्राम चैनलों का उपयोग किया जाता था जहाँ नियमित रूप से नए क्यूआर कोड अपलोड किए जाते थे। जैसे ही कोई खाता साइबर सेल द्वारा फ्रीज किया जाता, आरोपी तुरंत नया क्यूआर कोड जारी कर देते थे।













