मऊगंज : मध्यप्रदेश के मऊगंज जिले में साइबर ठगी का एक गंभीर मामला सामने आया है। पीड़ित राजू मिश्रा ने एक दिन पहले ही बजाज फाइनेंस से 50 हजार रुपये का लोन लिया था। लोन की राशि खाते में आने के 24 घंटे भी पूरे नहीं हुए थे कि साइबर अपराधियों ने उन्हें निशाना बना लिया।
EMI वेरिफिकेशन के नाम पर भेजा गया कोड
पीड़ित के मोबाइल पर ईएमआई वेरिफिकेशन से जुड़ा एक मैसेज और वेरिफिकेशन कोड आया। जैसे ही उन्होंने उस कोड पर क्लिक किया, ठगों को खाते तक पहुंच मिल गई। इसके बाद लगातार कई ट्रांजेक्शन हुए और देखते ही देखते करीब 46 हजार रुपये खाते से निकाल लिए गए।
संभलने से पहले खाली हुआ खाता
राजू मिश्रा को जब तक ठगी का एहसास हुआ, तब तक बैंक खाते से अधिकांश राशि गायब हो चुकी थी। यह पूरी घटना कुछ ही मिनटों में घटित हो गई, जिससे पीड़ित सदमे में है।
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डेटा लीक या पहले से निगरानी?
घटना के बाद सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि लोन लेने के कुछ ही घंटों में ठगों को इतनी सटीक जानकारी कैसे मिल गई। क्या किसी स्तर पर डेटा लीक हुआ या साइबर गिरोह पहले से निगरानी कर रहे थे—इस पहलू की भी जांच जरूरी मानी जा रही है।
साइबर सेल में शिकायत, जांच शुरू
पीड़ित ने मामले की शिकायत साइबर सेल में दर्ज करा दी है। पुलिस ने जांच शुरू कर दी है और संबंधित तकनीकी जानकारी जुटाई जा रही है। यह घटना मऊगंज समेत पूरे प्रदेश में बढ़ते साइबर अपराधों को लेकर बड़ी चेतावनी मानी जा रही है।













