आरंग में राशन घोटाले का बड़ा खुलासा, बायोमेट्रिक के बाद भी 300 परिवारों को नहीं मिला अनाज, सेल्समैन फरार

Rahul Goshwami

आरंग:  सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत गरीबों को मिलने वाले राशन में कथित गड़बड़ी का गंभीर मामला ग्राम पंचायत नारा में सामने आया है। ग्रामीणों का आरोप है कि शासकीय उचित मूल्य दुकान के सेल्समैन ने करीब 300 हितग्राहियों का बायोमेट्रिक सत्यापन तो कर लिया, लेकिन उन्हें महीनों तक राशन नहीं दिया गया।

तीन महीने से राशन का इंतजार

ग्रामीणों के मुताबिक, सेल्समैन अंगूठा लगवाने के बाद यह कहकर टालता रहा कि ऊपर से राशन नहीं आया है। दिसंबर और जनवरी माह गुजर जाने के बावजूद हितग्राहियों को अनाज नहीं मिला, जिससे कई परिवारों के सामने खाद्यान्न संकट खड़ा हो गया।

स्टॉक ऑडिट में सामने आई बड़ी कमी

लगातार शिकायतों के बाद खाद्य विभाग ने औचक निरीक्षण और स्टॉक जांच की। जांच के दौरान संबंधित सेल्समैन फरार पाया गया। दुकान का ताला तोड़कर जांच शुरू की गई, जिसमें रिकॉर्ड में वितरण दिखने के बावजूद सैकड़ों क्विंटल चावल, शक्कर और नमक का वास्तविक स्टॉक गायब मिला।

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प्रशासनिक कार्रवाई पर टिकी नजरें

ग्रामीणों का कहना है कि इतने बड़े स्तर पर गड़बड़ी बिना संरक्षण के संभव नहीं है। कई महीनों से शिकायतों के बावजूद गिरफ्तारी न होना प्रशासनिक ढिलाई को दर्शाता है। विभागीय सूत्रों के अनुसार, आरोपी के खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम और गबन से जुड़ी धाराओं में एफआईआर दर्ज करने की प्रक्रिया चल रही है।

खाद्य विभाग ने मानी अनियमितताएं

निरीक्षण करने पहुंची खाद्य निरीक्षक ने स्वीकार किया कि कई हितग्राहियों का बायोमेट्रिक लेने के बाद भी राशन वितरण नहीं हुआ। आबंटित खाद्यान्न की मात्रा का सत्यापन कर रिपोर्ट उच्च अधिकारियों को भेजी जा रही है, जिसके आधार पर आगे की कार्रवाई होगी।

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