कटनी: रेलवे सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने के उद्देश्य से रेलवे लाइन के किनारे लगाए गए हाईटेक सीसीटीवी कैमरों की कार्यप्रणाली पर अब गंभीर सवाल उठने लगे हैं। जानकारी के अनुसार, सुरक्षा निगरानी के लिए स्थापित 16 कैमरों में से 10 कैमरे बंद पड़े हैं, जिससे रेलवे ट्रैक के आसपास की गतिविधियों पर नजर रखना मुश्किल हो गया है।
सुरक्षा व्यवस्था पर बढ़ी चिंता
रेलवे लाइन किनारे होने वाली दुर्घटनाओं और असामाजिक गतिविधियों को रोकने के लिए ये कैमरे लगाए गए थे। लेकिन बड़ी संख्या में कैमरों के बंद रहने से हादसों की स्थिति में समय पर जानकारी मिलना मुश्किल हो सकता है। इससे न केवल यात्रियों बल्कि आसपास रहने वाले लोगों की सुरक्षा भी प्रभावित होने की आशंका है।
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जीआरपी करती है मॉनिटरिंग
इन कैमरों की निगरानी जीआरपी (Government Railway Police) द्वारा थाने में बनाए गए विशेष सीसीटीवी मॉनिटरिंग कक्ष से की जाती है। हालांकि, तकनीकी खराबियों के कारण कई कैमरे नियमित रूप से बंद रहते हैं, जिससे निगरानी तंत्र पूरी तरह प्रभावी नहीं हो पा रहा।
तकनीकी समस्याएं बनी बड़ी वजह
जीआरपी अधिकारियों के मुताबिक, कैमरों में बार-बार आने वाले टेक्निकल इश्यू के चलते यह समस्या बनी हुई है। मरम्मत और रखरखाव की प्रक्रिया जारी रहने के बावजूद सभी कैमरों को सुचारु रूप से चालू नहीं किया जा सका है।
रेलवे सुरक्षा से जुड़े विशेषज्ञों का मानना है कि यदि जल्द ही कैमरों को ठीक नहीं किया गया तो किसी बड़े हादसे की स्थिति में जांच और बचाव कार्य प्रभावित हो सकते हैं। ऐसे में रेलवे प्रशासन के सामने चुनौती है कि वह सुरक्षा निगरानी प्रणाली को तुरंत दुरुस्त करे ताकि संभावित दुर्घटनाओं को रोका जा सके।













