इंदौर : मध्य प्रदेश के इंदौर में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने आय से अधिक संपत्ति मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए नगर निगम में पदस्थ रहे पूर्व सहायक राजस्व अधिकारी राजेश परमार और उनके परिजनों की करीब 1 करोड़ 6 लाख रुपये मूल्य की संपत्तियों को कुर्क कर लिया है। इस कार्रवाई को भ्रष्टाचार के खिलाफ महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
ईओडब्ल्यू की FIR के बाद शुरू हुई जांच
जानकारी के अनुसार, यह कार्रवाई आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (EOW) द्वारा दर्ज एफआईआर के आधार पर की गई। प्रारंभिक जांच में परमार पर आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के गंभीर आरोप सामने आए थे, जिसके बाद ईडी ने मनी लॉन्ड्रिंग एंगल से विस्तृत जांच शुरू की।
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मकान, प्लॉट, फ्लैट और कृषि भूमि शामिल
ईडी द्वारा कुर्क की गई संपत्तियों में एक रहवासी मकान, प्लॉट, फ्लैट और कृषि भूमि शामिल हैं। जांच एजेंसी के मुताबिक, ये सभी संपत्तियां संदिग्ध आय से अर्जित की गई थीं और इनके वैध स्रोतों के पर्याप्त दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए जा सके।
2007 से 2022 के बीच 175% अधिक संपत्ति अर्जित
जांच में सामने आया कि 2007 से 2022 के बीच राजेश परमार ने अपनी ज्ञात आय से लगभग 175 प्रतिशत अधिक संपत्ति अर्जित की। पूछताछ और दस्तावेजी जांच के दौरान वे अपनी आय और संपत्ति के स्रोतों को लेकर पुख्ता सबूत प्रस्तुत नहीं कर पाए, जिसके बाद कुर्की की कार्रवाई की गई।
भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्ती का संकेत
विशेषज्ञों का मानना है कि यह कार्रवाई सरकारी तंत्र में भ्रष्टाचार पर सख्ती का स्पष्ट संदेश देती है। ईडी और अन्य जांच एजेंसियां ऐसे मामलों में वित्तीय लेनदेन और संपत्ति के स्रोतों की गहन जांच कर रही हैं, जिससे पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित की जा सके।फिलहाल मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी है और एजेंसियां अन्य संभावित संपत्तियों व वित्तीय लेनदेन की भी जांच कर रही हैं।











