Raigarh Police Operation Muskan : गौरी शंकर गुप्ता/रायगढ़ (3 फरवरी 2026)। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) शशि मोहन सिंह के मार्गदर्शन में रायगढ़ पुलिस द्वारा चलाया जा रहा ‘ऑपरेशन मुस्कान’ उन परिवारों के लिए वरदान साबित हो रहा है, जिनके अपने अपनों से बिछड़ गए थे। पुलिस की संवेदनशीलता और तकनीकी दक्षता का परिणाम है कि जनवरी माह में जिले के विभिन्न थानों में दर्ज कुल 59 गुमशुदगी के मामलों में से 56 को पुलिस ने सफलतापूर्वक सुलझा लिया है।
8 साल का लंबा इंतजार हुआ खत्म
इस अभियान की सबसे बड़ी सफलता थाना कोतरारोड़ को मिली है। साल 2018 में एक 14 वर्षीय बालक घर से दिशा मैदान जाने का कहकर निकला था और फिर कभी नहीं लौटा। परिवार ने 8 साल तक उसकी राह देखी। हाल ही में कोतरारोड़ पुलिस को सूचना मिली कि वह बालक (अब युवक) महाराष्ट्र के सतारा स्थित एक बाल कल्याण केंद्र में है। पुलिस टीम ने तत्काल सतारा पहुँचकर उसे दस्तयाब किया और रायगढ़ लाकर परिजनों के सुपुर्द किया। अपने बेटे को इतने सालों बाद देख परिजनों की आँखें छलक आईं।
नाबालिगों से जुड़े अपराधों पर सख्त प्रहार
जनवरी में लापता हुए 16 नाबालिगों में से 14 को पुलिस ने सकुशल बरामद किया है। इस दौरान कुछ गंभीर मामले भी सामने आए:
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चक्रधरनगर: एक युवक शादी का प्रलोभन देकर बालिका को कोरबा ले गया था। पुलिस ने बालिका को रेस्क्यू कर आरोपी को पॉक्सो एक्ट के तहत जेल भेज दिया है।
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धरमजयगढ़: यहाँ भी शादी का झांसा देकर भगाने वाले आरोपी रोशन बसोड़ को पुलिस ने गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे पहुँचाया।
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पुसौर: परिजनों से नाराज होकर सहेली के घर गई एक बालिका को पुलिस ने सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले से सकुशल बरामद किया।
एसएसपी की अपील: बच्चों से रखें मित्रवत व्यवहार
एसएसपी शशि मोहन सिंह ने इस अभियान की सफलता पर पूरी टीम की सराहना की। उन्होंने पालकों से अपील करते हुए कहा— “माता-पिता अपने बच्चों से मित्रवत व्यवहार रखें और उनकी सोशल मीडिया गतिविधियों पर नज़र रखें। नाबालिगों को बहलाने-फुसलाने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा, उनके खिलाफ पॉक्सो जैसी कठोर धाराओं में कार्रवाई की जाएगी।”
जनवरी माह का रिपोर्ट कार्ड: एक नज़र में
| श्रेणी | कुल मामले | बरामद | सफलता दर |
| कुल गुम इंसान | 59 | 56 | 95% |
| नाबालिग (Minor) | 16 | 14 | 87% |











