Central Budget 2026 : भोपाल। संसद में पेश हुए केंद्रीय बजट 2026-27 पर मध्य प्रदेश के नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने बजट को जनविरोधी बताते हुए कहा कि इसमें देश की रीढ़ कहे जाने वाले किसान, युवा और मजदूर वर्ग के लिए कोई ठोस योजना नहीं है। सिंघार ने आरोप लगाया कि यह बजट केवल चुनिंदा बड़े उद्योगपतियों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है।
अन्नदाता की अनदेखी का आरोप नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि देश का किसान आज सबसे बुरे दौर से गुजर रहा है। उन्होंने कहा, “केंद्रीय बजट में किसानों के लिए कुछ भी नया नहीं है। हालत यह है कि किसान अपनी फसल उत्पादन की लागत भी नहीं निकाल पा रहे हैं, लेकिन सरकार ने उन्हें राहत देने के बजाय उनके हितों की अनदेखी की है।”
युवाओं और मजदूरों के साथ ‘धोखा’ बेरोजगारी के मुद्दे पर सरकार को घेरते हुए उमंग सिंघार ने कहा कि युवाओं को एक बार फिर ‘स्टार्टअप’ के नाम पर धोखा दिया गया है। जमीनी स्तर पर रोजगार सृजन के लिए कोई ठोस रोडमैप नहीं है। वहीं, उन्होंने मजदूरों का जिक्र करते हुए कहा कि बजट में श्रमिक वर्ग के कल्याण और उनकी सामाजिक सुरक्षा के लिए कोई प्रावधान नहीं किया गया है।
बुनियादी सुविधाओं पर सवाल सिंघार ने मध्य प्रदेश के संदर्भ में नल-जल योजना का मुद्दा उठाते हुए कहा कि इस महत्वपूर्ण योजना के लिए बजट में कोई भी अतिरिक्त राशि आवंटित नहीं की गई है, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल संकट की स्थिति बनी रहेगी। उन्होंने तंज कसते हुए कहा, “एक तरफ बड़े-बड़े उद्योगपतियों के हजारों करोड़ों रुपये के लोन माफ किए जा रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ आम आदमी को मूलभूत सुविधाओं के लिए भी तरसाया जा रहा है।”
उमंग सिंघार ने बजट को आंकड़ों की बाजीगरी बताते हुए कहा कि यह ‘सबका साथ-सबका विकास’ नहीं बल्कि ‘अपनों का विकास’ करने वाला बजट है।













