नई दिल्ली: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण आज संसद में अपना लगातार नौवां केंद्रीय बजट पेश कर रही हैं। इस बजट से सीमा शुल्क सुधारों, सोना-चांदी के सस्ता होने, इनकम टैक्स में राहत, किसान सम्मान निधि में बढ़ोतरी और अमृत भारत ट्रेनों जैसी घोषणाओं को लेकर बड़ी उम्मीदें जताई जा रही हैं। साथ ही आयुष्मान भारत और उज्ज्वला योजना के दायरे के विस्तार की भी संभावना है।
सुधारों की रफ्तार और विकसित भारत का विजन
बजट भाषण में सरकार ने बताया कि 15 अगस्त के बाद से 350 से अधिक सुधार लागू किए गए हैं। “रिफॉर्म एक्सप्रेस” विकास, रोजगार और उत्पादन को गति देने के लिए आगे बढ़ रही है। बजट में छह प्रमुख क्षेत्रों में हस्तक्षेप का प्रस्ताव है, जिनमें चैंपियन MSME का निर्माण, विरासत औद्योगिक क्षेत्रों का पुनर्जीवन, शहरों में आर्थिक क्षेत्रों का विकास और इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करना शामिल है।
मैन्युफैक्चरिंग और बायोफार्मा पर बड़ा दांव
भारत को वैश्विक बायो-फार्मा मैन्युफैक्चरिंग हब बनाने के लिए अगले पांच वर्षों में ₹10,000 करोड़ की ‘बायोफार्मा शक्ति’ योजना का प्रस्ताव रखा गया है। इसके साथ तीन नए फार्मा संस्थान और केंद्रीय औषधि मानक संगठन (CDSCO) को मजबूत किया जाएगा।सेमीकंडक्टर क्षेत्र के लिए इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन 2.0, इलेक्ट्रॉनिक्स घटक विनिर्माण योजना का बजट बढ़ाकर ₹40,000 करोड़, चार राज्यों में दुर्लभ खनिज कॉरिडोर, तीन केमिकल पार्क और कंटेनर मैन्युफैक्चरिंग के लिए ₹10,000 करोड़ का ऐलान किया गया है।
MSME और टेक्सटाइल सेक्टर को मजबूती
MSME को सशक्त करने के लिए ₹10,000 करोड़ का SME ग्रोथ फंड, GeM को TReDS से जोड़ने और TReDS को अनिवार्य सेटलमेंट प्लेटफॉर्म बनाने का प्रस्ताव है। टेक्सटाइल सेक्टर के लिए राष्ट्रीय फाइबर योजना और कौशल विकास पर भी जोर दिया गया है।
इंफ्रास्ट्रक्चर और जलमार्ग विकास
FY27 में ₹12.2 लाख करोड़ के पूंजीगत खर्च का लक्ष्य रखा गया है। इंफ्रा रिस्क गारंटी फंड, PSU रियल एस्टेट की रीसाइक्लिंग के लिए REITs और अगले पांच वर्षों में 20 नए राष्ट्रीय जलमार्ग विकसित किए जाएंगे। वाराणसी और पटना में जहाज मरम्मत इकोसिस्टम पर भी काम होगा।
स्वास्थ्य, आयुष और ऑरेंज इकोनॉमी
स्वास्थ्य क्षेत्र में निजी और सरकारी स्तर पर नए AHP संस्थान, अगले 5 वर्षों में 1 लाख AHP जोड़ने और 5 क्षेत्रीय चिकित्सा केंद्रों की योजना प्रस्तावित है। आयुष सेक्टर के लिए तीन नए अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान, WHO के जामनगर केंद्र को मजबूत करने और ऑरेंज इकोनॉमी में 2030 तक 20 लाख पेशेवरों की जरूरत को ध्यान में रखते हुए प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू किए जाएंगे।













