भोपाल : भोपाल के एम्स अस्पताल में चेन स्नेचिंग की घटना ने अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना बागसेवनिया थाना इलाके में हुई। आरोपी मास्क और टोपी पहनकर IPD क्षेत्र तक पहुंचा और वहां महिला कर्मी से बातचीत कर मौके का इंतजार किया। जैसे ही गेट खुला, उसने मंगलसूत्र झपटकर सीढ़ियों से फरार हो गया।
अस्पताल प्रशासन की त्वरित प्रतिक्रिया
घटना के बाद अस्पताल प्रशासन हाई अलर्ट मोड में आ गया। एम्स निदेशक की अध्यक्षता में 2 घंटे लंबी हाई लेवल मीटिंग हुई। बैठक में सुरक्षा एजेंसी, प्रशासन और विभागीय अधिकारी शामिल थे।
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सुरक्षा व्यवस्था में कड़ी पाबंदियां
बैठक के निर्णय के अनुसार अब IPD में बिना अटेंडर कार्ड किसी की एंट्री पूरी तरह रोकी जाएगी। हर व्यक्ति की पहचान और आने के उद्देश्य की जांच की जाएगी। विशेष रूप से OPD समय के बाद के सुनसान हिस्सों को अपराधियों के लिए आसान टारगेट नहीं बनने दिया जाएगा।
आरोपी की गिरफ्तारी
पुलिस ने देर रात आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। वर्तमान में पुलिस आरोपी से पूछताछ कर रही है ताकि घटना के पीछे के अन्य पहलुओं का पता लगाया जा सके।
मरीजों और कर्मचारियों की सुरक्षा
अस्पताल प्रशासन ने सभी कर्मचारियों और मरीजों को सतर्क रहने की सलाह दी है। सुरक्षा एजेंसियां और पुलिस अधिकारी सुनिश्चित कर रहे हैं कि ऐसे घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
घटना के बाद चिंता
एम्स में चेन स्नेचिंग की यह घटना मरीजों और उनके परिजनों में चिंता बढ़ा रही है। विशेषज्ञों का कहना है कि सुरक्षा उपायों को और मजबूत किया जाना चाहिए, ताकि अस्पताल परिसर अपराधियों के लिए सुरक्षित न बने।









