CM Mohan Yadav Jabalpur : जबलपुर: मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने आज जबलपुर में मीडिया से चर्चा करते हुए धार की ऐतिहासिक भोजशाला और उज्जैन में हाल ही में हुए घटनाक्रमों पर अपनी प्रतिक्रिया दी। मुख्यमंत्री ने प्रदेश की कानून-व्यवस्था पर भरोसा जताते हुए कहा कि मध्य प्रदेश की पहचान ‘शांति के टापू’ के रूप में है और सरकार इसे बनाए रखने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
भोजशाला में सुशासन का उदाहरण: धार की भोजशाला के संबंध में बोलते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि माननीय सर्वोच्च न्यायालय (SC) के निर्णय के परिपालन में प्रशासन ने अत्यंत सराहनीय कार्य किया है। उन्होंने कहा, “प्रशासन ने वहां पूजा और नमाज दोनों को बहुत अच्छे ढंग से संपन्न कराया है। हमारी सरकार सुशासन के लिए जानी जाती है और हम सभी पक्षों के अधिकारों का सम्मान करते हुए व्यवस्था सुनिश्चित कर रहे हैं।”
उज्जैन विवाद पर कड़ा रुख: उज्जैन में हुए हालिया विवाद पर मुख्यमंत्री ने सख्त लहजे में कहा कि मध्य प्रदेश की शांति व्यवस्था से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा, “उज्जैन शांति का केंद्र है और वह हमेशा बना रहेगा। जहाँ भी शांति भंग करने की कोशिश होगी या सख्ती की जरूरत पड़ेगी, वहाँ सरकार उसी कठोरता से काम करेगी।” मुख्यमंत्री ने साफ किया कि प्रशासन किसी भी प्रकार की अराजकता को बर्दाश्त नहीं करेगा।
शांति का संदेश: मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में बार-बार इस बात पर जोर दिया कि मध्य प्रदेश में विकास और सुशासन पहली प्राथमिकता है। उन्होंने जनता को आश्वस्त किया कि प्रदेश में सांप्रदायिक सद्भाव को बनाए रखने के लिए सुरक्षा एजेंसियां और प्रशासन पूरी मुस्तैदी के साथ काम कर रहे हैं।











