भोपाल : मध्य प्रदेश सरकार नर्मदा नदी से जुड़े श्रद्धालुओं और परिक्रमावासियों के लिए एक नई और अनोखी स्वास्थ्य व्यवस्था शुरू करने जा रही है। राज्य सरकार नर्मदा नदी के प्रमुख घाटों पर पानी पर तैरने वाले अस्पताल तैयार करने की योजना पर काम कर रही है। इन अस्पतालों के जरिए घाटों पर आने वाले श्रद्धालुओं को तुरंत मेडिकल सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।
नदी एम्बुलेंस योजना का होगा विस्तार
सरकार पहले से संचालित नदी एम्बुलेंस सेवा को अब और व्यापक बनाने की तैयारी में है। तैरते अस्पताल इसी योजना का विस्तार होंगे, जहां डॉक्टर, नर्स और आवश्यक मेडिकल स्टाफ तैनात रहेगा। आपात स्थिति में मरीजों को प्राथमिक उपचार के साथ-साथ जरूरत पड़ने पर बड़े अस्पतालों तक रेफर भी किया जाएगा।
Read More : जबलपुर में GST विभाग की बड़ी कार्रवाई! लोहा-सीमेंट व्यापारियों पर छापा, 1.11 करोड़ की वसूली
प्रतिदिन लाखों श्रद्धालुओं को मिलेगा लाभ
नर्मदा नदी के घाटों पर प्रतिदिन करीब 2.5 लाख श्रद्धालु, साधु-संत और परिक्रमावासी पहुंचते हैं। लंबी यात्राओं, भीड़ और मौसम के कारण कई बार श्रद्धालुओं की तबीयत बिगड़ जाती है। ऐसे में घाटों पर ही इलाज की सुविधा मिलने से समय पर उपचार संभव हो सकेगा और गंभीर घटनाओं को रोका जा सकेगा।
डॉक्टर, नर्स और आधुनिक उपकरणों से लैस होंगे अस्पताल
इन तैरते अस्पतालों में प्राथमिक उपचार, इमरजेंसी केयर, दवाइयां, ऑक्सीजन, बीपी-शुगर जांच जैसी सुविधाएं उपलब्ध रहेंगी। सरकार की योजना है कि हर यूनिट में प्रशिक्षित डॉक्टर, नर्स और पैरामेडिकल स्टाफ मौजूद रहे, ताकि तुरंत इलाज किया जा सके।
आदिवासी इलाकों के लिए भी अहम कदम
नर्मदा का बड़ा हिस्सा आदिवासी बहुल क्षेत्रों से होकर गुजरता है, जहां स्वास्थ्य सेवाएं सीमित हैं। तैरते अस्पताल इन दूरस्थ और संवेदनशील इलाकों में रहने वाले लोगों के लिए भी वरदान साबित हो सकते हैं। इससे ग्रामीण और आदिवासी आबादी को भी बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिलेंगी।
तैयारी शुरू, जल्द होगा पायलट प्रोजेक्ट
राज्य सरकार ने इस परियोजना की शुरुआती तैयारियां शुरू कर दी हैं। पहले चरण में प्रमुख घाटों पर पायलट प्रोजेक्ट के रूप में तैरते अस्पताल शुरू किए जाएंगे। सफल होने पर इसे नर्मदा के अन्य घाटों तक विस्तार दिया जाएगा।











