Health Department Corruption News : रायपुर: छत्तीसगढ़ की स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़ी महत्वाकांक्षी योजना “हमर लैब” में हुए करोड़ों के भ्रष्टाचार मामले में जांच एजेंसियों ने बड़ी सफलता हासिल की है। EOW और ACB की संयुक्त टीम ने अपराध क्रमांक 05/2025 के तहत कार्रवाई करते हुए तीन प्रमुख आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इन पर राज्य शासन को करीब 550 करोड़ रुपये की आर्थिक क्षति पहुँचाने का गंभीर आरोप है।
गिरफ्तार आरोपी :
- अभिषेक कौशल: डायरेक्टर, रिकॉर्डर्स एंड मेडिकेयर सिस्टम्स प्राइवेट लिमिटेड (पंचकुला)।
- प्रिंस जैन: कंपनी लाईजनर (आरोपी शशांक चोपड़ा का जीजा)।
- राकेश जैन: प्रोप्राइटर, श्री शारदा इंडस्ट्रीज (रायपुर)।
भ्रष्टाचार का ‘मोडस ऑपेरंडी’ (तरीका): जांच में खुलासा हुआ है कि जिला अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों में निःशुल्क जांच सुविधा के लिए मेडिकल उपकरण और रिएजेंट्स की खरीदी होनी थी। इस निविदा प्रक्रिया में मोक्षित कॉर्पोरेशन को अनुचित लाभ पहुँचाने के लिए ‘पुल टेंडरिंग’ का सहारा लिया गया। गिरफ्तार आरोपियों की कंपनियों ने फर्जी दस्तावेजों के जरिए निविदा में हिस्सा लिया ताकि प्रतिस्पर्धा का दिखावा कर टेंडर को मोक्षित कॉर्पोरेशन के पक्ष में मोड़ा जा सके।
धाराओं का जाल: पुलिस ने इन आरोपियों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 409 (लोक सेवक द्वारा आपराधिक विश्वासघात) और 120-बी (आपराधिक षड्यंत्र) के साथ-साथ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। जांच एजेंसियों का मानना है कि इन गिरफ्तारियों से घोटाले की कई और परतें खुलेंगी और विभाग के कुछ बड़े अधिकारियों की संलिप्तता भी सामने आ सकती है।
“हमर लैब” योजना का उद्देश्य गरीब मरीजों को निःशुल्क डायग्नोस्टिक सुविधाएं प्रदान करना था। लेकिन भ्रष्टाचार के कारण न केवल गुणवत्ताहीन उपकरणों की खरीदी की आशंका जताई जा रही है, बल्कि सरकारी खजाने को भी भारी नुकसान पहुँचाया गया है। प्रशासन ने साफ किया है कि इस मामले में शामिल किसी भी रसूखदार व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।













