UAE President India Visit : नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विशेष निमंत्रण पर संयुक्त अरब अमीरात के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान सोमवार शाम नई दिल्ली पहुंचे। प्रधानमंत्री मोदी ने एयरपोर्ट पर उन्हें गले लगाकर स्वागत किया, जो दोनों नेताओं के बीच व्यक्तिगत केमिस्ट्री और दोनों देशों के बीच प्रगाढ़ होते ‘भाईचारे’ का प्रतीक है। राष्ट्रपति के रूप में नाहयान की यह तीसरी और पिछले एक दशक में पांचवीं भारत यात्रा है।
रणनीतिक महत्व और क्षेत्रीय चुनौतियां: यह दौरा ऐसे संवेदनशील समय में हो रहा है जब पश्चिम एशिया (मिडल ईस्ट) में समीकरण तेजी से बदल रहे हैं। अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ता तनाव, यमन को लेकर सऊदी अरब और यूएई के बीच का मतभेद और गाजा में जारी अस्थिरता ने वैश्विक चिंताएं बढ़ाई हैं। इसके अलावा, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा गाजा के लिए प्रस्तावित ‘बोर्ड ऑफ पीस’ (Board of Peace) में भारत को आमंत्रित किए जाने के बाद यह पहली बड़ी द्विपक्षीय वार्ता है।
वार्ता के मुख्य एजेंडे:
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ऊर्जा साझेदारी: भारत और यूएई के बीच दीर्घकालिक ऊर्जा आपूर्ति समझौतों को और विस्तार देने पर चर्चा होगी।
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आर्थिक सहयोग: व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौते (CEPA) और स्थानीय मुद्रा निपटान (LCS) प्रणाली की प्रगति की समीक्षा की जाएगी। वित्त वर्ष 2024-25 में दोनों देशों का व्यापार $100 बिलियन के पार पहुंच गया है।
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रक्षा और तकनीकी सहयोग: रक्षा उद्योग में सहयोग और आगामी ‘AI इम्पैक्ट समिट’ को लेकर भी बातचीत होने की उम्मीद है।
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ब्रिक्स (BRICS) और वैश्विक मंच: भारत आगामी ब्रिक्स शिखर सम्मेलन की मेजबानी करेगा, जिसमें यूएई की भूमिका और एजेंडे पर भी मंथन होगा।
यूएई के भारतीय दूतावास ने इस दौरे को “व्यापक रणनीतिक साझेदारी में एक और मील का पत्थर” करार दिया है। इस संक्षिप्त लेकिन उच्च-स्तरीय यात्रा के दौरान दोनों नेता एक ‘विज़न डॉक्यूमेंट’ पर भी सहमति जता सकते हैं, जो आने वाले दशकों के लिए भारत-यूएई संबंधों की दिशा तय करेगा।









