CG NEWS: जगदलपुर। शहर से करीब 10 किलोमीटर दूर नियानार में स्थित धान संग्रहण केंद्र में करोड़ों रुपये का धान सड़ने का मामला सामने आया है। अलग-अलग जिलों से लाया गया धान लगभग एक साल से खुले में पड़ा हुआ है, लेकिन अब तक उसका उठाव नहीं हो सका। लगातार बारिश और नमी के चलते बड़ी मात्रा में धान खराब होकर काला पड़ गया है।
CG NEWS: इस मामले के सामने आने के बाद प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज सोमवार को नियानार धान संग्रहण केंद्र पहुंचे और हालात का जायजा लिया। उन्होंने प्रशासन पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि एक साल बीत जाने के बावजूद धान का उठाव नहीं होना बेहद चिंताजनक है। बैज का दावा है कि केंद्र में रखा पूरा धान लगभग खराब हो चुका है।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि धान को सुरक्षित रखने के लिए जो पॉलिथीन बिछाई गई थी, वह घटिया गुणवत्ता की थी। बारिश और नमी से बचाव के उचित इंतजाम नहीं किए गए, जिसके चलते करीब 1 लाख 46 हजार क्विंटल धान सड़ गया। दीपक बैज ने धान खरीदी, परिवहन और संग्रहण की पूरी प्रक्रिया में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए कहा कि इसी को छिपाने के लिए जानबूझकर धान को भिगोया गया और बाद में काली पॉलिथीन से ढंक दिया गया।
CG NEWS: कांग्रेस अध्यक्ष के अनुसार खुले आसमान के नीचे करीब एक हजार करोड़ रुपये मूल्य का धान रखा गया था, लेकिन उसकी सुरक्षा के लिए कोई ठोस व्यवस्था नहीं की गई। करीब दो किलोमीटर के दायरे में फैले संग्रहण केंद्र में सड़ा हुआ धान अब बदबू और भारी नुकसान की तस्वीर पेश कर रहा है।
CG NEWS: वहीं, आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक नियानार संग्रहण केंद्र में अब भी 15 हजार 129 मीट्रिक टन धान का उठाव बाकी है। पूरे जिले में कुल 27 हजार 307 मीट्रिक टन धान का उठाव शेष बताया जा रहा है, जिसकी अंतिम समय-सीमा 31 जनवरी 2026 निर्धारित की गई है।











