सिंगरौली : सिंगरौली जिले के देवसर थाना क्षेत्र में एक महिला ने कड़कड़ाती ठंड में अपने दो मासूम बच्चों के साथ न्याय की गुहार लगाई। महिला का आरोप है कि विवाह के बाद ससुराल पक्ष द्वारा उसके साथ मारपीट और मानसिक उत्पीड़न किया जा रहा है। पीड़िता ने इस संबंध में कई बार देवसर थाना में आवेदन दिए, लेकिन पुलिस ने न तो FIR दर्ज की और न ही शिकायत पर कोई कार्रवाई की।
ससुराल में अत्याचार और थाने की बेरुखी
महिला का कहना है कि पति, सास-ससुर, जेठ-जेठानी और देवर द्वारा उसे बार-बार गाली-गलौज और शारीरिक चोटें दी जाती थीं। उसे घर से बाहर निकाल दिया गया, जिसके बाद वह बच्चों के साथ अलग रहकर जीवन यापन कर रही थी। लेकिन थाने स्तर पर पुलिस की लापरवाही के कारण उसे सुरक्षा और न्याय नहीं मिल पाया।
कलेक्टर कार्यालय में न्याय की गुहार
कड़ाके की ठंड में महिला अपने दो बच्चों को लेकर जिला कलेक्टर कार्यालय पहुंची। उसने भावुक शब्दों में कहा:
“या तो मुझे न्याय दिया जाए, या मुझे मरने का आदेश दे दिया जाए।”इस घटनाक्रम ने प्रशासनिक संवेदनहीनता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों और सामाजिक कार्यकर्ताओं का कहना है कि यदि थाने स्तर पर महिलाओं की सुनवाई नहीं होगी, तो पीड़िता आखिर किसके पास जाएगी।

सवाल प्रशासन की जिम्मेदारी पर
यह मामला केवल सिंगरौली तक सीमित नहीं है। इसे पूरे राज्य में महिलाओं के प्रति पुलिस और प्रशासनिक संवेदनशीलता के स्तर की चुनौती माना जा रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि गरीब और ग्रामीण महिलाएं न्याय पाने के लिए कई किलोमीटर दूर जिला मुख्यालय तक जाने को मजबूर होती हैं।













