Singrauli Pathology Lab Scam : सिंगरौली: ऊर्जाधानी सिंगरौली में निजी पैथोलॉजी सेंटरों की बाढ़ आ गई है, लेकिन चौंकाने वाली सच्चाई यह है कि जिले में संचालित लगभग 300 से अधिक केंद्रों में से स्वास्थ्य विभाग के पास केवल 3 पैथोलॉजी लैब ही वैध रूप से पंजीकृत हैं। शेष सभी सेंटर या तो अवैध रूप से चल रहे हैं या फिर ‘कलेक्शन सेंटर’ के नाम पर अनुमति लेकर लैब जैसी गतिविधियां संचालित कर रहे हैं।
नियमों की धज्जियां: टेक्नीशियन ही बने डॉक्टर
नियमों के अनुसार, किसी भी पैथोलॉजी लैब के संचालन और रिपोर्टिंग के लिए एमडी पैथोलॉजिस्ट (MD Pathologist) का होना अनिवार्य है। सरकार ने एक पैथोलॉजिस्ट को अधिकतम दो जगहों पर रिपोर्टिंग की अनुमति दी है, लेकिन सिंगरौली जिले में पैथोलॉजिस्ट की संख्या इतनी कम है कि वे दो दर्जन सेंटर भी कवर नहीं कर सकते। ऐसे में लैब टेक्नीशियन खुद ही जांच कर रहे हैं और रिपोर्ट भी तैयार कर रहे हैं, जो मरीजों की जान के साथ सीधा खिलवाड़ है।
केवल ये तीन लैब हैं पंजीकृत
स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार, पूरे जिले में केवल तीन संस्थान ही पैथोलॉजी के लिए पंजीकृत बताए जा रहे हैं:
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मिश्रा पॉली क्लीनिक एवं नर्सिंग होम (वैढ़न)
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सिंगरौली हॉस्पिटल
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डॉ. आरडी द्विवेदी की पैथोलॉजी
इनके अलावा, जिले की करीब 500 से अधिक दवा दुकानों पर भी खून की जांच का दावा किया जा रहा है, जो पूरी तरह गैर-कानूनी है।
गलत रिपोर्ट और लूट की दुकान
इन सेंटरों पर न तो भारत सरकार द्वारा तय जांच दरों का पालन होता है और न ही प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के बायो-मेडिकल वेस्ट निस्तारण के नियमों का। अक्सर इन केंद्रों से भ्रामक और गलत रिपोर्ट सामने आती हैं, जिससे मरीजों का इलाज प्रभावित होता है और उनकी जेब पर भी डाका डाला जा रहा है।
जल्द शुरू होगा अभियान: सीएमएचओ इस गंभीर मामले पर सीएमएचओ डॉ. पुष्पराज सिंह ठाकुर का कहना है कि जिले में बिना पात्रता के चल रहे सभी पैथोलॉजी केंद्रों की जांच के लिए जल्द ही विशेष टीमें गठित की जाएंगी और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए अभियान चलाया जाएगा।













