CGPSC CBI Charge Sheet : रायपुर: छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (CGPSC) की 2021 की भर्ती परीक्षा में हुए भ्रष्टाचार की परतें अब पूरी तरह खुल चुकी हैं। CBI द्वारा विशेष अदालत में पेश की गई चार्जशीट में सनसनीखेज खुलासे हुए हैं। जांच एजेंसी ने बताया कि कैसे एक संगठित सिंडिकेट ने प्रभावशाली परिवारों के बच्चों को ‘डिप्टी कलेक्टर’ बनाने के लिए पूरी चयन प्रक्रिया को ही हाईजैक कर लिया था।
होटल में लीक हुआ पेपर, कोचिंग संचालक की भूमिका
CBI की जांच में सबसे चौंकाने वाला तथ्य महासमुंद के बारनवापारा से जुड़ा है। यहाँ के एक होटल में कुछ चुनिंदा अभ्यर्थियों को परीक्षा से पहले ‘स्पेशल ट्रेनिंग’ दी गई थी। कोचिंग संचालक के पास प्रश्नपत्र पहले से मौजूद था, जिसके आधार पर संदिग्ध अभ्यर्थियों को उत्तर रटाए गए।
चार्जशीट के ‘VVIP’ आरोपी:
CBI ने इस घोटाले में रसूखदारों की मिलीभगत के पुख्ता सबूत पेश किए हैं। चार्जशीट में शामिल प्रमुख नाम:
- टामन सिंह सोनवानी: तत्कालीन अध्यक्ष, CGPSC (मुख्य सूत्रधार)।
- आरती वासनिक: तत्कालीन परीक्षा नियंत्रक।
- श्रवण कुमार गोयल: पूर्व निदेशक, बजरंग पावर एंड इस्पात।
- शशांक गोयल व भूमिका कटियार: उद्योगपति के बेटे और बहू, जिनका अवैध चयन हुआ।
- उत्कर्ष चंद्राकर: फरार आरोपी, जिसकी तलाश जारी है।
क्या रद्द होगी पूरी परीक्षा?
चार्जशीट दाखिल होने के बाद अब उन अभ्यर्थियों में डर का माहौल है जिनका चयन रसूख के दम पर हुआ था। कानूनी जानकारों का मानना है कि यदि न्यायालय में यह साबित हो जाता है कि पूरी चयन प्रक्रिया दूषित (Vitiated) थी, तो राज्य सरकार या कोर्ट 2021 की पूरी परीक्षा को रद्द (Scrap) करने का कड़ा फैसला ले सकती है।











