Jashpur Police Report 2025 : वर्ष 2025 जशपुर पुलिस के लिए उपलब्धियों भरा रहा, जिसमें न केवल अपराधों के ग्राफ में कमी आई, बल्कि ठगी और तस्करी के बड़े अंतरराज्यीय नेटवर्क का भी पर्दाफाश हुआ।
1. अपराधों का सांख्यिकीय लेखा-जोखा (Crime Stats)
जशपुर पुलिस ने इस वर्ष दर्ज कुल 2097 एफआईआर में से 1931 का निराकरण किया। कुल मिलाकर 92.08% मामलों को सुलझाने में पुलिस सफल रही।
| अपराध श्रेणी | दर्ज प्रकरण (2025) | गिरफ्तार आरोपी | तुलनात्मक स्थिति |
| हत्या | 58 | 66 | 90% मामलों का निराकरण |
| हत्या का प्रयास | 24 | 48 | पिछले वर्षों की तुलना में वृद्धि |
| चोरी | 128 | 99 | 2023 (168) के मुकाबले भारी कमी |
| दुष्कर्म | 154 | 157 | त्वरित कार्यवाही और गिरफ्तारी |
| लूट | 17 | 23 | पूर्व वर्षों से मामूली बढ़त |
2. विशेष ऑपरेशनों की सफलता
-
ऑपरेशन आघात (नशा मुक्ति): लगभग ₹3.75 करोड़ की अवैध शराब (25,638 लीटर) जब्त की गई। एनडीपीएस एक्ट के तहत ₹2.21 करोड़ का गांजा, कफ सिरप और अन्य नशीले पदार्थ पकड़े गए।
-
ऑपरेशन शंखनाद (गौ-तस्करी पर रोक): कुल 144 प्रकरणों में 239 आरोपियों को गिरफ्तार कर 1493 गौवंश को मुक्त कराया गया। ₹3 करोड़ मूल्य के 70 वाहन जब्त किए गए।
-
ऑपरेशन मुस्कान: गुम हुए 154 बच्चों में से 146 बच्चों (21 बालक, 125 बालिका) को सुरक्षित उनके परिजनों तक पहुँचाया गया।
-
ऑपरेशन अंकुश: 22 साल से फरार लुटेरे सहित कुल 68 स्थायी वारंटियों और फरार अपराधियों को देश के अलग-अलग कोनों से गिरफ्तार किया गया।
3. वित्तीय अपराधों और ठगी पर सर्जिकल स्ट्राइक
-
150 करोड़ की ठगी: दिल्ली से ‘बंटी-बबली’ तर्ज पर ठगी करने वाले गिरोह को पकड़ा गया जो खुद को मंत्रालय का अधिकारी बताकर करोड़ों की ठगी करते थे।
-
चिटफंड घोटाला: 54 करोड़ की ठगी करने वाले फरार डायरेक्टर जितेन्द्र बीसे को इंदौर से गिरफ्तार किया गया।
-
सफेमा (Safema): जिले में पहली बार गांजा तस्करों की ₹1.88 करोड़ से अधिक की अवैध संपत्ति कुर्क (Freeze) की गई।
4. सड़क सुरक्षा और जागरूकता
सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने के प्रयास रंग लाए। वर्ष 2024 में जहां 341 मृत्यु हुई थीं, वहीं 2025 में यह संख्या घटकर 310 रही। पुलिस ने मोटर व्हीकल एक्ट के तहत रिकॉर्ड 20,150 चालान काटे।









