Indore water incident : इंदौर: भागीरथपुरा क्षेत्र में पिछले कई दिनों से मचे हाहाकार का कारण अब साफ हो गया है। MGM मेडिकल कॉलेज की लैब से आई कल्चर रिपोर्ट ने स्वास्थ्य विभाग के उस डर को सच साबित कर दिया है कि क्षेत्र में सप्लाई होने वाला पानी दूषित था। इस रिपोर्ट के आने के बाद प्रशासन और नगर निगम की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
पाइपलाइन में लीकेज बना ‘काल’
नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने रिपोर्ट पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि सीवरेज और पेयजल की पाइपलाइन मिलने की जो आशंका जताई गई थी, वह सही साबित हुई है। जांच में पता चला है कि भागीरथपुरा पुलिस चौकी के ठीक नीचे से गुजर रही पाइपलाइन में लीकेज था, जिसके कारण पीने के पानी में सीवरेज (गंदा पानी) मिल रहा था।
कलेक्टर ने माना—पानी से ही गई जान
जिला कलेक्टर शिवम वर्मा ने आधिकारिक तौर पर फिर से 4 मौतों की पुष्टि की है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि इन रहवासियों की मौत दूषित पानी पीने की वजह से हुई है। इसके अलावा, वर्तमान में अस्पतालों में भर्ती भागीरथपुरा के अन्य मरीज भी इसी दूषित पानी के कारण संक्रमण का शिकार हुए हैं।
पूरे क्षेत्र का ‘माइक्रो ऑब्जरवेशन’ शुरू
प्रशासन अब पूरे क्षेत्र की पाइपलाइन का माइक्रो ऑब्जरवेशन (Micro Observation) कर रहा है। विभाग यह सुनिश्चित करने में जुटा है कि कहीं और भी लीकेज तो नहीं है। नगर निगम की टीम अब हर घर के कनेक्शन और मुख्य लाइन की बारीकी से जांच कर रही है ताकि भविष्य में ऐसी त्रासदी दोबारा न हो।









