Indore High Court : इंदौर। भागीरथपुरा क्षेत्र में दूषित पानी के कारण हुई मौतों और सैकड़ों लोगों के बीमार होने का मामला अब मध्य प्रदेश हाई कोर्ट (इंदौर खंडपीठ) की चौखट पर पहुँच गया है। न्यायालय ने मामले की गंभीरता को देखते हुए सभी प्रभावितों के तत्काल और निःशुल्क इलाज सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
दो जनहित याचिकाएं दायर: इस त्रासदी को लेकर हाई कोर्ट में दो अलग-अलग जनहित याचिकाएं (PIL) दाखिल की गई हैं। पहली याचिका हाई कोर्ट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष रितेश ईनाणी की ओर से और दूसरी कांग्रेस के प्रदेश प्रवक्ता प्रमोद द्विवेदी द्वारा दायर की गई है। याचिकाओं में मांग की गई है कि इस भीषण लापरवाही के लिए जिम्मेदार अधिकारियों पर आपराधिक मुकदमा दर्ज किया जाए और पीड़ित परिवारों को उचित मुआवजा दिया जाए।
कोर्ट का रुख और निर्देश: सुनवाई के दौरान माननीय न्यायालय ने शासन और प्रशासन को निर्देशित किया है कि प्रभावित क्षेत्र के हर नागरिक को बेहतर से बेहतर इलाज उपलब्ध कराया जाए और उनसे कोई शुल्क न लिया जाए। कोर्ट ने प्रशासन को आदेश दिया है कि अगली सुनवाई में मृतकों की सही संख्या, बीमारों की सूची और उनके इलाज के लिए किए गए इंतजामों की संपूर्ण जानकारी प्रस्तुत की जाए।
अगली सुनवाई 2 जनवरी को: हाई कोर्ट ने इस मामले की अगली सुनवाई के लिए 2 जनवरी की तारीख तय की है। तब तक शासन को अपना विस्तृत जवाब और जांच की प्रगति रिपोर्ट न्यायालय के समक्ष रखनी होगी। इस कानूनी हस्तक्षेप के बाद प्रशासन पर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने का दबाव और बढ़ गया है।











