Thursday, September 24, 2026
Home Chhattisgarh Cg News : 1950 की कट-ऑफ तिथि समाप्त करने की मांग लेकर...

Cg News : 1950 की कट-ऑफ तिथि समाप्त करने की मांग लेकर विधानसभा अध्यक्ष रमन सिंह से मिला प्रतिनिधि मंडल

Cg News
Cg News

Cg News : राजनांदगांव। जिले में अनुसूचित जाति वर्ग के छात्र-छात्राओं को जाति प्रमाण पत्र प्राप्त करने में आ रही गंभीर प्रशासनिक अड़चनों को लेकर जाति प्रमाण पत्र संघर्ष मोर्चा, राजनांदगांव ने निर्णायक पहल की है। मोर्चा के प्रतिनिधि मंडल ने छत्तीसगढ़ विधानसभा अध्यक्ष माननीय रमन सिंह से भेंट कर वर्ष 1950 के पूर्व के दस्तावेजों की अनिवार्यता को तत्काल समाप्त करने तथा सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा 10 जून 2025 को जारी परिपत्र के पूर्ण अनुपालन की मांग की।

Cg News : जाति प्रमाण पत्र संघर्ष मोर्चा राजनांदगांव के प्रतिनिधि मंडल ने विधानसभा अध्यक्ष माननीय रमन सिंह जी से मुलाकात कर छत्तीसगढ़ में अनुसूचित जाति के छात्र-छात्राओं को जाति प्रमाण पत्र जारी करने की वर्तमान प्रक्रिया पर गंभीर आपत्ति दर्ज कराई। प्रतिनिधि मंडल ने बताया कि राज्य में गाड़ा, महार, घासी-घसिया, मोची, डोम/डोमार सहित अन्य अनुसूचित जातियों के हजारों-लाखों विद्यार्थी केवल इस कारण जाति प्रमाण पत्र से वंचित रह जा रहे हैं, क्योंकि प्रशासन द्वारा वर्ष 1950 के पूर्व के दस्तावेज प्रस्तुत करने की अनिवार्यता लगाई जा रही है।

Cg News : मोर्चा ने इसे असंवैधानिक, अव्यावहारिक और सामाजिक न्याय के मूल सिद्धांतों के विपरीत बताया। प्रतिनिधियों का कहना है कि शोषित, वंचित और गरीब समुदायों के पास इतने पुराने दस्तावेज उपलब्ध होना लगभग असंभव है। इस वजह से छात्र-छात्राओं को न केवल छात्रवृत्ति, आरक्षण और अन्य शासकीय सुविधाओं से वंचित होना पड़ रहा है, बल्कि उनका शैक्षणिक और सामाजिक भविष्य भी अंधकारमय होता जा रहा है। प्रतिनिधि मंडल ने यह भी स्पष्ट किया कि सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा दिनांक 10 जून 2025 को एक महत्वपूर्ण परिपत्र जारी किया गया है, जिसमें विशेष रूप से पुनर्गठित राज्यों खासकर वर्ष 2000 में गठित राज्यों में अनुसूचित जाति/जनजाति वर्ग के नागरिकों को जाति प्रमाण पत्र जारी करने के संबंध में स्पष्ट दिशा-निर्देश दिए गए हैं।

Cg News : इसके बावजूद छत्तीसगढ़ शासन ने आज तक प्रचलित नियमों में दर्ज CUT OFF DATE (10 अगस्त 1950) में संशोधन नहीं किया है। इसका परिणाम यह है कि डोम, गांड़ा, घासी, महार आदि जातियों के अधिकांश नागरिक जाति प्रमाण पत्र के अभाव में संविधान प्रदत्त अधिकारों और शासकीय योजनाओं के लाभ से वंचित हैं।

Cg News : प्रतिनिधि मंडल ने आग्रह किया कि केंद्र सरकार के परिपत्र के अनुरूप राज्य शासन तत्काल नियमों में संशोधन करे, ताकि हजारों-लाखों अनुसूचित जाति/जनजाति के युवाओं को न्याय मिल सके। माननीय विधानसभा अध्यक्ष रमन सिंह जी ने प्रतिनिधि मंडल की बातों को गंभीरता से सुना और इस विषय में आवश्यक पहल करने का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि यह मामला सामाजिक न्याय और विद्यार्थियों के भविष्य से जुड़ा है जिस पर संवेदनशीलता और उदारता के साथ कार्यवाही किया जाना आवश्यक है।

Cg News : इस अवसर पर जाति प्रमाण पत्र संघर्ष मोर्चा राजनांदगांव के पदाधिकारी एवं सदस्यगण रविन्द्र रामटेके, राजू बारमाटे, संतोष बौद्ध, पीयूष ऊके, नीलेश ठावरे, रिक्की सहारे, किशन श्यामकुवर, तथा वरिष्ठ मान्यजन के. एल. टांडेकर जी, एस. के. भालाधरे जी, राजकुमार नागदेवे जी, रवि सुखदेवे जी, सिद्धार्थ चौरे जी उपस्थित रहे। मोर्चा ने अंत में शासन-प्रशासन से मांग की कि इस मामले में उदारतापूर्वक निर्णय लेते हुए जाति प्रमाण पत्र से वंचित अनुसूचित जाति/जनजाति के युवाओं को शीघ्र न्याय दिलाया जाए ताकि वे शिक्षा, रोजगार और सामाजिक उत्थान के संवैधानिक अधिकारों का लाभ प्राप्त कर सके।

Share The News

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here