Traditional Agricultural Development Scheme : माकड़ी (कोंडागांव)। किसानों को वैज्ञानिक कृषि पद्धतियों से जोड़ने और उनकी आय में वृद्धि करने के उद्देश्य से कोंडागांव जिले के विकासखंड माकड़ी अंतर्गत ग्राम दण्डवन में एक दिवसीय प्रशिक्षण एवं मृदा स्वास्थ्य कार्ड वितरण कार्यक्रम संपन्न हुआ। राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के तहत आयोजित इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में कृषि सभापति मेशलाल पोयाम उपस्थित रहे, जिनके द्वारा लाभार्थी किसानों को मृदा स्वास्थ्य कार्ड वितरित किए गए।
Traditional Agricultural Development Scheme : कार्यक्रम के दौरान वरिष्ठ कृषि अधिकारी मीना नेताम, कृषि अधिकारी आलोक यादव एवं सुतम कवर ने तकनीकी मार्गदर्शन प्रदान किया। कृषि अधिकारियों ने किसानों को बताया कि मिट्टी की उर्वरता बनाए रखने के लिए मृदा परीक्षण अनिवार्य है। उन्होंने संतुलित उर्वरक उपयोग की जानकारी देते हुए स्पष्ट किया कि बिना जांच के खाद का उपयोग न केवल खर्चीला है, बल्कि इससे भूमि की सेहत भी खराब होती है। मृदा स्वास्थ्य कार्ड के माध्यम से किसान अब अपनी जमीन की जरूरत के अनुसार ही खाद का चयन कर सकेंगे।
Traditional Agricultural Development Scheme : विशेष सत्र के रूप में परंपरागत कृषि विकास योजना (PKVY) के अंतर्गत एक दिवसीय जैविक खेती प्रशिक्षण का आयोजन किया गया। इसमें कृषि विशेषज्ञों ने जैविक खेती के लाभों पर विस्तार से चर्चा की। किसानों को घर पर ही जैविक खाद और प्राकृतिक कीटनाशक तैयार करने की विधियाँ सिखाई गईं। विशेषज्ञों ने जोर दिया कि पर्यावरण संरक्षण और स्वास्थ्य के लिए रासायनिक खेती का विकल्प जैविक खेती ही है।
Traditional Agricultural Development Scheme : इस अवसर पर क्षेत्र के किसान जुगधार, शम्भू, सदन, मालिन्द, उदयप्रताप, आयतु सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे। किसानों ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे प्रशिक्षण से उन्हें खेती की लागत कम करने और पैदावार बढ़ाने में मदद मिलेगी।
Traditional Agricultural Development Scheme : कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य टिकाऊ खेती को प्रोत्साहित करना और किसानों को आधुनिक तकनीक के साथ-साथ पारंपरिक जैविक खाद के महत्व से अवगत कराना रहा। अधिकारियों ने उम्मीद जताई कि मृदा कार्ड के उपयोग से क्षेत्र की कृषि अर्थव्यवस्था में सकारात्मक बदलाव आएगा।













