रायपुर : छत्तीसगढ़ में सर्दी का प्रकोप लगातार बढ़ता जा रहा है। राजधानी रायपुर सहित प्रदेश के कई हिस्सों में हाड़ कंपा देने वाली ठंड महसूस की जा रही है। खासतौर पर अमरकंटक और गौरेला–पेंड्रा–मरवाही जिले के आसपास के क्षेत्रों में शीतलहर का असर सबसे अधिक देखने को मिल रहा है। उत्तर से आ रही सर्द हवाओं ने पूरे प्रदेश में ठिठुरन बढ़ा दी है।
सर्द हवाओं ने बढ़ाई परेशानी
गुरुवार की सुबह इस सीजन की अब तक की सबसे ठंडी सुबह दर्ज की गई, जिससे आम जनजीवन प्रभावित हुआ। सुबह-सुबह लोगों को घरों से निकलने में भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। कई इलाकों में अलाव का सहारा लेते लोग नजर आए, वहीं स्कूली बच्चों और बुजुर्गों पर ठंड का सबसे ज्यादा असर देखा गया।
Read More : Naxal Encounter : बीजापुर के जंगलों में DRG और नक्सलियों की मुठभेड़, सुबह से जारी फायरिंग
अमरकंटक और पेंड्रा में पारा लुढ़का
मौसम विभाग के अनुसार अमरकंटक में न्यूनतम तापमान 5 डिग्री सेल्सियस से नीचे चला गया है। वहीं पेंड्रा में तापमान गिरकर 7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। सुबह के समय अमरकंटक के रामघाट, माई की बगिया, श्रीयंत्र मंदिर सहित कई इलाकों में बर्फ जैसी जमी ओस देखने को मिली। पूरा क्षेत्र सफेद चादर में ढका नजर आया, जिससे दर्शन के लिए पहुंचे श्रद्धालु और स्थानीय लोग ठिठुरते दिखाई दिए।
शीतलहर को लेकर मौसम विभाग की चेतावनी
भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 19 दिसंबर को प्रदेश के कई जिलों में शीतलहर चलने की चेतावनी जारी की है। राजधानी रायपुर के अलावा कबीरधाम, राजनांदगांव, दुर्ग, कोरिया, बिलासपुर, कोरबा, सूरजपुर, बलरामपुर, जशपुर, सरगुजा, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही, मुंगेली और बालोद जिले अलर्ट पर हैं।
आगे और बढ़ सकती है ठंड
मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि आने वाले कुछ दिनों तक न्यूनतम तापमान में और गिरावट दर्ज की जा सकती है। लोगों को सुबह और रात के समय विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।











