Singrauli News : सिंगरौली। जिले के विंध्यनगर स्थित एनटीपीसी के शाहपुर और बलियरी राखड़ डैम से फ्लाई ऐश (राख) की ढुलाई इन दिनों क्षेत्र के रहवासियो के लिए बड़ी परेशानी का कारण बन गई है। स्थानीय ग्रामीणों का आरोप है कि इन वाहनों से उड़ने वाली राख और धूल ने पूरे इलाके को प्रदूषण की चपेट में ले लिया है, जिससे लोगों का सामान्य जीवन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है।
Singrauli News : ग्रामीणों के अनुसार, एनटीपीसी द्वारा शाहपुर राखड़ डैम से कुछ दूरी पर एक रेलवे राखड़ यार्ड बनाया गया है, जहां फ्लाई ऐश के प्रबंधन और लोडिंग का कार्य ऐश टेक इंडिया कंपनी को सौंपा गया है। लेकिन ऐश टेक कंपनी की भारी लापरवाही के चलते राख को खुले में लोड किया जा रहा है। न तो वाहनों को ढंका जा रहा है और न ही पानी का छिड़काव सही से किया जा रहा है, जिससे राख हवा में उड़कर आसपास के गांवों में फैल रही है।
Singrauli News : राख की धूल से बिगड़ रहा ग्रामीणों का स्वास्थ्य ?
Singrauli News : राखड़ यार्ड के आसपास बसे गांवों के लोगों का कहना है कि उड़ती हुई राख उनके घरों, आंगनों और खेतों तक पहुंच रही है। घरों की छतों, फर्श और बर्तनों पर राख की मोटी परत जम जाती है। ग्रामीणों ने बताया कि आंखों में जलन, नाक में राख घुसने, सांस लेने में तकलीफ और लगातार खांसी जैसी समस्याएं आम हो गई हैं। गांव के बुजुर्गों और महिलाओं ने चिंता जताते हुए बताया कि कई लोग अस्थमा, एलर्जी, सांस फूलने और फेफड़ों से जुड़ी बीमारियों से पीड़ित हो चुके हैं। बच्चों और बुजुर्गों पर इसका सबसे अधिक दुष्प्रभाव देखने को मिल रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि हवा में घुली फ्लाई ऐश सीधे फेफड़ों को नुकसान पहुंचा रही है और धीरे-धीरे पूरा क्षेत्र बीमारियों की गिरफ्त में जाता जा रहा है।
Singrauli News : इस गंभीर समस्या से परेशान ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि या तो इस राखड़ यार्ड को तत्काल बंद किया जाए, या फिर राख परिवहन के लिए कोई वैकल्पिक मार्ग निकाला जाए, जिससे आबादी वाले क्षेत्रों में प्रदूषण न फैले। ग्रामीणों का कहना है कि यदि जल्द समाधान नहीं निकाला गया तो वे आंदोलन करने को मजबूर होंगे।
Singrauli News : ऐश टेक और एनटीपीसी का गोलमोल ज़बाब
Singrauli News : मामले में प्रशासनिक अधिकारियों से संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन एसडीएम सुरेश जाधव का फोन रिसीव नहीं हो सका। वहीं, एनटीपीसी के जनसंपर्क अधिकारी शंकर सुब्रमण्यम से जब इस विषय पर बात की गई तो उन्होंने भी स्पष्ट जवाब देने से बचते हुए कहा कि “जानकारी लेकर बाद में बताएंगे।” हैरानी की बात यह है कि पत्रकारों द्वारा यार्ड में फैली अव्यवस्था और नियमों के उल्लंघन से जुड़े वीडियो भी उन्हें भेजे गए, इसके बावजूद उन्होंने कोई ठोस प्रतिक्रिया नहीं दी।
Singrauli News : एनजीटी नियमों की उड़ रही धज्जियां
स्थानीय लोगों का आरोप है कि फ्लाई ऐश हैंडलिंग को लेकर नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) द्वारा तय किए गए नियमों की खुलेआम अनदेखी की जा रही है। खुले में राख लोडिंग, बिना ढंके डंपर, पानी के छिड़काव की कमी और पर्यावरण सुरक्षा उपायों का अभाव साफ तौर पर नियमों का उल्लंघन है। इसके बावजूद जिम्मेदार अधिकारी एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप लगाकर अपनी जिम्मेदारी से बचते नजर आ रहे हैं। जब ग्रामीणों का यह भी आरोप है कि इस पूरे मामले में एनटीपीसी के कुछ अधिकारियों और ठेकेदार की मिलीभगत हो सकती है। उनका कहना है कि बिना राजनीतिक और प्रशासनिक संरक्षण के इस तरह खुलेआम नियमों का उल्लंघन संभव नहीं है।
Singrauli News : अब जिला कलेक्टर पर टिकी निगाहें…
Singrauli News : फिलहाल, पूरे मामले में अब लोगों की निगाहें जिला कलेक्टर पर टिकी हुई हैं। यह देखना अहम होगा कि जिला प्रशासन इस गंभीर पर्यावरण और स्वास्थ्य से जुड़े मुद्दे को संज्ञान में लेकर निष्पक्ष जांच कराता है या नहीं। ग्रामीणों को उम्मीद है कि जांच के दौरान दोषियों पर सख्त कार्रवाई होगी और उन्हें प्रदूषण से राहत मिलेगी। वहीं, यह भी सवाल बना हुआ है कि कहीं यह मामला भी सिर्फ खबरों तक सीमित रहकर दफन न हो जाए।













