Legal rights : सुकमा/छिंदगढ़। विकासखंड छिंदगढ़ स्थित कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय में बालिकाओं को सुरक्षित और जागरूक बनाने के उद्देश्य से एक दिवसीय ‘महिला जागरूकता कार्यशाला’ का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग की सदस्य सुश्री दीपिका सोरी मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुईं। कार्यशाला का मुख्य केंद्र कार्यस्थल और समाज में महिलाओं के साथ होने वाले लैंगिक उत्पीड़न के निवारण एवं कानूनी सुरक्षा उपायों पर रहा।
Legal rights कानूनी अधिकारों की दी गई विस्तृत जानकारी कार्यशाला के दौरान छात्राओं को उनके मौलिक अधिकारों और महिला सुरक्षा से जुड़े कानूनों के बारे में विस्तार से समझाया गया। विशेषज्ञों ने घरेलू हिंसा, मानव तस्करी, बाल विवाह जैसी सामाजिक बुराइयों के खिलाफ आवाज उठाने के तरीके बताए। सुश्री दीपिका सोरी ने छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि जागरूकता ही सुरक्षा की पहली सीढ़ी है। उन्होंने बेटियों को आत्मनिर्भर बनने और किसी भी प्रकार के उत्पीड़न के खिलाफ निडर होकर शिकायत करने के लिए प्रेरित किया।
Legal rights विशेषज्ञों ने साझा किए सुरक्षा टिप्स कार्यक्रम में थाना प्रभारी पदमा जगत ने पुलिस सहायता और महिला हेल्पलाइन नंबरों की जानकारी दी। वहीं, वन स्टॉप ‘सखी सहेली केंद्र’ और महिला एवं बाल विकास विभाग के प्रतिनिधियों ने बताया कि संकट की स्थिति में शासन की योजनाएं किस प्रकार उनकी मदद कर सकती हैं। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि कानून हर कदम पर महिलाओं की सुरक्षा के लिए खड़ा है, बस उन्हें अपने अधिकारों के प्रति सजग रहने की जरूरत है।
Legal rights आत्मनिर्भरता का संदेश विद्यालय की अधीक्षिका सुश्री विशाखा कश्यप सहित आश्रम के कर्मचारियों की उपस्थिति में बालिकाओं को आत्मरक्षा और स्वावलंबन का पाठ पढ़ाया गया। इस गरिमामय कार्यक्रम में उपस्थित अतिथियों ने यह संदेश दिया कि शिक्षा के साथ-साथ कानूनी ज्ञान भी बेटियों के सर्वांगीण विकास के लिए अनिवार्य है। कार्यशाला के अंत में छात्राओं ने अपनी जिज्ञासाओं को लेकर विशेषज्ञों से सवाल भी पूछे, जिनका समाधान मौके पर ही किया गया।













