Energy Conservation Week : बेमेतरा। छत्तीसगढ़ शासन के रजत जयंती वर्ष 2025 के उपलक्ष्य में जिले भर में 14 से 20 दिसंबर तक ‘ऊर्जा संरक्षण सप्ताह’ का आयोजन किया जा रहा है। इसी क्रम में जिला कलेक्टर रणबीर शर्मा के मार्गदर्शन में विकासखंड बेरला के स्वामी आत्मानंद शासकीय उत्कृष्ट हिंदी/अंग्रेजी माध्यमिक विद्यालय, कुसमी में ‘ऊर्जा नवाचार प्रतियोगिता’ संपन्न हुई। छत्तीसगढ़ राज्य अक्षय ऊर्जा विकास अभिकरण (क्रेडा) और विद्यालय प्रबंधन के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने अपनी वैज्ञानिक सोच और कलात्मकता के जरिए ऊर्जा संरक्षण का प्रभावी संदेश दिया।
Energy Conservation Week : रचनात्मकता और विज्ञान का संगम प्रतियोगिता के दौरान विद्यालय परिसर छात्र-छात्राओं के उत्साह से सराबोर रहा। विद्यार्थियों ने रंगोली, वाद-विवाद और मॉडल निर्माण जैसी विभिन्न विधाओं में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। विशेष रूप से मॉडल निर्माण प्रतियोगिता में छात्रों ने सौर ऊर्जा, पवन ऊर्जा, एलईडी के लाभ और घरेलू स्तर पर बिजली बचाने के आधुनिक तरीकों को वर्किंग मॉडल्स के जरिए समझाया। रंगोली के माध्यम से छात्राओं ने पर्यावरण संरक्षण और ऊर्जा की बचत को आकर्षक ढंग से चित्रित किया।
Energy Conservation Week : मेधावी छात्र हुए पुरस्कृत निर्णायक मंडल द्वारा बारीकी से मूल्यांकन करने के बाद उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों का चयन किया गया। प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को क्रेडा द्वारा प्रमाण-पत्र देकर सम्मानित किया गया। इस सम्मान से छात्रों के चेहरे खिल उठे। शिक्षकों का कहना है कि ऐसी प्रतियोगिताओं से बच्चों में न केवल नवाचार की भावना जागृत होती है, बल्कि वे भविष्य के लिए अधिक जिम्मेदार नागरिक बनते हैं।
Energy Conservation Week : संसाधनों का विवेकपूर्ण उपयोग अनिवार्य इस अवसर पर क्रेडा के जिला प्रभारी आकाश शर्मा ने छात्रों को संबोधित करते हुए ऊर्जा संरक्षण की महत्ता पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि ऊर्जा संरक्षण सप्ताह का मुख्य उद्देश्य आम नागरिकों और विद्यार्थियों को कोयला, पेट्रोलियम जैसे गैर-नवीकरणीय स्रोतों के सीमित उपयोग के प्रति जागरूक करना है। उन्होंने जोर दिया कि यदि हम आज ऊर्जा की बचत करेंगे, तभी भविष्य की पीढ़ियों के लिए संसाधन सुरक्षित रह पाएंगे।
Energy Conservation Week : सतत विकास की ओर बढ़ते कदम आकाश शर्मा ने आगे कहा कि जागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से जिले में सौर और पवन ऊर्जा जैसे अक्षय ऊर्जा स्रोतों को अपनाने के लिए लोगों को प्रेरित किया जा रहा है। ऊर्जा बचत से न केवल आर्थिक लाभ होता है, बल्कि यह कार्बन उत्सर्जन कम करने और सतत विकास (Sustainable Development) के लक्ष्य को प्राप्त करने में भी सहायक है। कार्यक्रम के अंत में उपस्थित सभी लोगों ने ऊर्जा बचाने और एक स्वच्छ व सुरक्षित भविष्य बनाने का संकल्प लिया।











