Monday, May 25, 2026
43.3 C
Raipur

Naxal News : लाल आतंक की कमर टूटी! महाराष्ट्र में MMC जोन के 3 इनामी नक्सलियों ने किया सरेंडर

निशानेबाज न्यूज़ डेस्क : देश में नक्सलवाद के खिलाफ चल रही मुहिम को एक बार फिर बड़ी सफलता मिली है। महाराष्ट्र के गोंदिया जिले में नक्सली संगठन को करारा झटका देते हुए MMC जोन के अंतिम सक्रिय नक्सलियों में शामिल तीन कैडर ने आत्मसमर्पण कर दिया है। इसे सुरक्षा एजेंसियां ‘लाल आतंक’ के कमजोर पड़ने का एक और ठोस संकेत मान रही हैं।

शनिवार को पुलिस के सामने किया आत्मसमर्पण
शनिवार को इन तीनों नक्सलियों ने पुलिस अधीक्षक गोरख भामरे के समक्ष औपचारिक रूप से सरेंडर किया। अधिकारियों के अनुसार, लंबे समय से चल रही पुलिस दबिश, लगातार अभियानों और सरकार की पुनर्वास नीति के चलते नक्सलियों का मनोबल टूट रहा है, जिसका असर अब आत्मसमर्पण के मामलों में साफ दिखाई दे रहा है।

आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों की पहचान
पुलिस द्वारा जारी जानकारी के मुताबिक, आत्मसमर्पण करने वालों में—

  • रोशन उर्फ मारा इरिया वेदजा, निवासी मेंदरी, जिला बीजापुर (छत्तीसगढ़), दरेकसा एरिया कमेटी कमांडर
  • सुभाष उर्फ पोज्जा बंडू राववा, निवासी वेरापल्ली, उसूर तहसील, जिला बीजापुर
  • रतन उर्फ मनकू ओमा पोय्याम, निवासी रेखापाल, जिला नारायणपुर

तीनों नक्सली लंबे समय से महाराष्ट्र–छत्तीसगढ़ सीमा पर सक्रिय थे और कई नक्सली गतिविधियों में उनकी भूमिका बताई जा रही है।

Read More : Chhattisgarh में ठंड कायम, शीतलहर में आ सकती है कमी, लेकिन ठिठुरन से नहीं मिली राहत, जानें मौसम का हाल…

तीनों नक्सलियों पर था कुल 20 लाख का इनाम
अधिकारियों ने बताया कि आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों पर कुल 20 लाख रुपये का इनाम घोषित था।

  • रोशन उर्फ मारा पर 8 लाख रुपये,
  • सुभाष और रतन पर 6-6 लाख रुपये का इनाम रखा गया था।

इन इनामी नक्सलियों का सरेंडर होना सुरक्षा बलों के लिए बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है।

MMC जोन लगभग समाप्ति की कगार पर
सुरक्षा एजेंसियों के मुताबिक, MMC जोन पहले से ही कमजोर स्थिति में था और अब इसके अंतिम सक्रिय कैडर के सरेंडर से यह जोन लगभग निष्क्रिय होने की कगार पर पहुंच गया है। लगातार कार्रवाई और खुफिया तंत्र की मजबूती ने नक्सल नेटवर्क की कमर तोड़ दी है।

पुनर्वास नीति ने बदला नक्सलियों का रुख
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि सरकार की आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति, रोजगार, सुरक्षा और मुख्यधारा में लौटने की सुविधा ने नक्सलियों को हिंसा का रास्ता छोड़ने के लिए प्रेरित किया है। सरेंडर करने वाले नक्सलियों को नियमानुसार सुरक्षा और पुनर्वास लाभ दिए जाएंगे।

Read More : Chhattisgarh Assembly Winter Session : रायपुर में आज से छत्तीसगढ़ विधानसभा का शीतकालीन सत्र, इन मुद्दों पर हो सकती है चर्चा

सुरक्षा एजेंसियां सतर्क, अभियान जारी
हालांकि बड़ी सफलता के बावजूद सुरक्षा बलों ने स्पष्ट किया है कि नक्सल विरोधी अभियान जारी रहेगा। सीमावर्ती इलाकों में निगरानी और सर्च ऑपरेशन और तेज किए जाएंगे, ताकि बचे-खुचे नक्सली नेटवर्क को पूरी तरह खत्म किया जा सके।

Share The News

Unable to load videos.

Popular News

CG Transfer Breaking : वाणिज्यिक कर विभाग में बड़ा फेरबदल, 21 कर्मचारियों का तबादला

CG Transfer Breaking :रायपुर। राज्य शासन के वाणिज्यिक कर...

Raipur Police Commissioner: IPS डॉ. संजीव शुक्ला ने संभाला पुलिस आयुक्त का पदभार… जानिए क्या कुछ कहा

Raipur Police Commissioner:रायपुर : रायपुर पुलिस कमिश्नरेट प्रणाली के...

Related Articles

Popular Categories