Saay sarakar bada Faisala : रायपुर। छत्तीसगढ़ में साय सरकार ने प्रदेश की जनता को बड़ी राहत देते हुए एक महत्वपूर्ण फैसला लिया है। अब राज्य में जमीनों के डायवर्सन (भूमि उपयोग परिवर्तन) की प्रक्रिया को पूरी तरह से ऑनलाइन कर दिया गया है। इस बड़े बदलाव के तहत, नागरिक अब घर बैठे ही अपनी जमीनों का ऑनलाइन डायवर्सन करा सकेंगे, जिससे उन्हें सरकारी दफ्तरों के चक्कर लगाने से मुक्ति मिलेगी और प्रक्रिया में पारदर्शिता आएगी।
Saay sarakar bada Faisala : राजस्व विभाग ने इस संबंध में अधिसूचना जारी करते हुए इसे राजपत्र (Gazette) में प्रकाशित कर दिया है। अधिसूचना के अनुसार, अब कई निर्दिष्ट क्षेत्रों में भूमियों के डायवर्सन के लिए सक्षम प्राधिकारी की पूर्व अनुज्ञा (Permission) की आवश्यकता नहीं होगी। यह कदम भूमि संबंधित कार्यों में लगने वाले समय को कम करने और लालफीताशाही पर अंकुश लगाने की दिशा में एक बड़ा प्रयास माना जा रहा है।
Saay sarakar bada Faisala : जिन क्षेत्रों को इस नए नियम के तहत कवर किया गया है, वे काफी व्यापक हैं। इनमें नगर निगम एवं नगर पालिका क्षेत्र, उनकी बाह्य सीमाओं से 5 किलोमीटर का क्षेत्र, नगर पंचायत क्षेत्र और उनकी बाह्य सीमाओं से 2 किलोमीटर के क्षेत्र शामिल हैं। इसके अलावा, ग्रामीण क्षेत्रों में भी भूमियों के डायवर्सन के लिए अब सक्षम प्राधिकारी की पूर्व अनुज्ञा की जरूरत नहीं होगी।
Saay sarakar bada Faisala : अधिसूचना में स्पष्ट किया गया है कि भले ही सक्षम प्राधिकारी की अनुज्ञा की आवश्यकता नहीं होगी, लेकिन सक्षम प्राधिकारी द्वारा विहित रीति से (Prescribed Manner) उक्त भूमियों का पुनर्निर्धारण (Reassessment/Redetermination) अवश्य किया जाएगा। यह पुनर्निर्धारण ऑनलाइन प्रक्रिया के माध्यम से होगा, जिससे भूमि रिकॉर्ड में तुरंत अपडेट हो सके और किसी भी तरह की विसंगति से बचा जा सके।
Saay sarakar bada Faisala : साय सरकार का यह फैसला ईज ऑफ डूइंग बिजनेस और गुड गवर्नेंस की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। ऑनलाइन डायवर्सन की सुविधा से न केवल आम जनता, बल्कि उद्योगों और व्यवसायों को भी लाभ होगा, क्योंकि उन्हें भूमि उपयोग परिवर्तन के लिए लंबी और जटिल प्रशासनिक प्रक्रियाओं से नहीं गुजरना पड़ेगा। यह प्रक्रिया छत्तीसगढ़ में राजस्व प्रशासन को अधिक सरल, त्वरित और पारदर्शी बनाने में सहायक सिद्ध होगी।













