heartbreaking incident : टीकमगढ़। टीकमगढ़ जिले में खाद की किल्लत के बीच एक बेहद दुखद और हृदय विदारक घटना सामने आई है। शहर के बड़ौरा घाट स्थित सरकारी खाद वितरण केंद्र पर यूरिया खाद लेने के लिए लाइन में लगे 50 वर्षीय किसान जमुना कुशवाहा की अचानक तबियत बिगड़ने के बाद इलाज के दौरान मौत हो गई।
भूखे-प्यासे खड़े थे किसान: जानकारी के अनुसार, कारी गाँव निवासी जमुना कुशवाहा आज सुबह से ही खाद वितरण केंद्र पर लंबी लाइन में लगे थे। मृतक के भाई छक्की लाल कुशवाहा ने बताया कि जमुना खाद लेने के लिए दो दिन से टीकमगढ़ आ रहे थे। आज वह घर से जल्दी, बिना कुछ खाए-पिए ही केंद्र पर पहुँच गए थे, ताकि उन्हें खाद मिल जाए।
लाइन में लगे रहने के दौरान ही उनकी तबियत बिगड़ने लगी। उन्हें पहले पसीना आया और फिर उल्टियाँ आनी शुरू हो गईं।
heartbreaking incident : छक्की लाल कुशवाहा (मृतक का भाई): “मेरा भाई खाद लेने के लिए दो दिन से टीकमगढ़ आ रहे थे। आज सुबह वह जल्दी में बिना कुछ खाए पिये ही केंद्र पहुँच गए थे। लाइन में लगे लगे अचानक उनकी तबियत बिगड़ी और उपचार दौरान उनकी मौत हो गई।”
प्रशासन ने पहुँचाया अस्पताल: घटना की सूचना मिलते ही मौके पर मौजूद पटवारी और नायब तहसीलदार ने तत्काल जमुना कुशवाहा को जिला अस्पताल पहुँचाया और उनके परिजनों को सूचित किया। परिजन भी तुरंत अस्पताल पहुँचे, लेकिन इलाज के दौरान किसान जमुना कुशवाहा की मौत हो गई।
heartbreaking incident : पोस्टमार्टम के बाद मृतक का शव परिजनों को सौंप दिया गया है। खाद की कमी और वितरण केंद्र पर अव्यवस्था के बीच हुई इस घटना से किसानों और स्थानीय लोगों में गहरा रोष व्याप्त है, और प्रशासन की व्यवस्थाओं पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।













