नई दिल्ली : देश की विमानन व्यवस्था से जुड़ी एक अहम खबर सामने आई है। DDCA (Directorate of Civil Aviation Authority) ने क्रू मेंबर्स से संबंधित अपने हालिया फैसले को वापस ले लिया है। यह फैसला उसी नियम से जुड़ा था जिसके कारण कई एयरलाइंस ने संचालन संबंधी चुनौतियों की शिकायत की थी।
एयरलाइंस की आपत्तियों के बाद लिया गया निर्णय
सूत्रों के अनुसार, अलग-अलग एयरलाइंस ने DDCA को लिखित और मौखिक दोनों रूपों में अपनी आपत्तियां दर्ज कराई थीं। एयरलाइंस का कहना था कि नया नियम उनके दैनिक संचालन में रुकावट पैदा करेगा, जिससे उड़ानों की निरंतरता (Continuity) और स्थिरता (Stability) पर सीधा प्रभाव पड़ेगा।
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एयरलाइंस की ओर से कहा गया कि नए प्रावधान के चलते क्रू की उपलब्धता और स्टाफिंग पैटर्न में अचानक बदलाव करना मुश्किल हो रहा था। इसके कारण उड़ानें प्रभावित होने की आशंका बढ़ गई थी।
ऑपरेशनल दिक्कतों की समीक्षा के बाद DDCA का फैसला
“ऑपरेशनल दिक्कतों एवं उड़ान संचालन की स्थिरता सुनिश्चित करने की आवश्यकता को देखते हुए इस प्रावधान की समीक्षा जरूरी समझी गई,” — DDCA ने जारी बयान में कहा।
DDCA का मानना है कि वर्तमान परिस्थितियों में एयरलाइंस पहले से ही स्टाफिंग की जटिलताओं का सामना कर रही हैं। ऐसे में किसी भी नए नियम को लागू करने से पहले सभी पहलुओं का ठीक से विश्लेषण जरूरी है।
नियम वापस लेने से मिली एयरलाइंस को राहत
नियम वापस लिए जाने के बाद एयरलाइंस ने राहत की सांस ली है। इससे:
- उड़ान संचालन सुचारू रहेगा
- क्रू मैनेजमेंट में लचीलापन बना रहेगा
- शेड्यूलिंग और स्लॉट मैनेजमेंट में दिक्कत कम होगी
- यात्रियों को कैंसिलेशन और देरी जैसी समस्याओं से बचाया जा सकेगा
विमानन विशेषज्ञों का कहना है कि DDCA का यह कदम समय की जरूरत को देखते हुए उचित है और इससे उद्योग को स्थिरता मिलेगी।













