92 crore GST fraud exposed : रायगढ़। छत्तीसगढ़ में जीएसटी धोखाधड़ी के एक बड़े अंतर्राज्यीय नेटवर्क का खुलासा हुआ है। फर्जी/शैल कंपनियाँ बनाकर ₹92 करोड़ से अधिक के फर्जी इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) घोटाले को अंजाम देने वाले इस नेटवर्क के दो मुख्य आरोपियों—अमन सिंघानिया और आवेश अग्रवाल—को डायरेक्टरेट जनरल ऑफ जीएसटी इंटेलिजेंस (DGGI) राउरकेला यूनिट की टीम ने गिरफ्तार किया है। दोनों को राउरकेला एसडीजेएम कोर्ट ने 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। एक अन्य आरोपी अभी भी फरार बताया जा रहा है।
92 crore GST fraud exposed : जांच के अनुसार, यह नेटवर्क विभिन्न राज्यों में फर्जी कंपनियाँ पंजीकृत करवाकर बिना किसी माल की आपूर्ति किए, केवल कागज़ों पर फर्जी बिल बनाता था और करोड़ों रुपये का फर्जी आईटीसी पास करता था। इस रैकेट का मास्टरमाइंड अमन सिंघानिया बताया जा रहा है, जो पिछले कई महीनों से इस अवैध गतिविधि को सक्रिय रूप से संचालित कर रहा था। टीम ने रायगढ़ में कई स्थानों पर दबिश देकर महत्वपूर्ण डिजिटल साक्ष्य भी जब्त किए हैं।
92 crore GST fraud exposed : जांच में सामने आया है कि आरोपियों ने मजदूरों और कमजोर आर्थिक पृष्ठभूमि वाले लोगों की टेलीकॉम डिटेल्स का दुरुपयोग करते हुए उनके नाम पर फर्जी कंपनियाँ बनवाईं। पैन, आधार, मोबाइल नंबर, ईमेल आईडी और बैंक खातों का गलत इस्तेमाल कर उन्होंने एक मजबूत फर्जी बिलिंग नेटवर्क तैयार किया था। सरकारी खजाने को भारी नुकसान पहुंचाने वाली यह गतिविधि लंबे समय से चल रही थी।
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92 crore GST fraud exposed : फर्जी बिलिंग और बिना सप्लाई के कारोबार करने का यह सिलसिला इतना बड़ा था कि करोड़ों रुपये के लेनदेन केवल कागजों पर ही दिखाए गए, जबकि वास्तविक रूप से माल की कोई आवाजाही नहीं हुई। डीजीजीआई के अनुसार, यह रैकेट विभिन्न राज्यों में फैला हुआ है और कई कंपनियों का उपयोग कर टैक्स चोरी की एक पूरी श्रृंखला तैयार की गई थी।
92 crore GST fraud exposed : जांच में यह भी संकेत मिले हैं कि इस नेटवर्क में एक इंडस्ट्रियल सरगना की भी महत्वपूर्ण भूमिका है, जो कई फर्जी कंपनियों के संचालन में अमन और आवेश की मदद करता था। इसके अलावा साकेत और शुभम नामक दो और व्यक्तियों की संलिप्तता की संभावना जताई गई है, जिनकी तलाश जारी है। एजेंसी का कहना है कि कई और नाम सामने आने की संभावना है।
92 crore GST fraud exposed : डीजीजीआई की टीम अब इस मामले की गहराई से जांच कर रही है और पूरे नेटवर्क को ध्वस्त करने के लिए संबंधित राज्यों में छापेमारी की तैयारी कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि यह हाल के वर्षों में सामने आए सबसे बड़े जीएसटी फ्रॉड मामलों में से एक है, जिसकी परतें अभी खुलना बाकी हैं।











