World AIDS Day 2025: बिलासपुर: बिलासपुर संभाग में एचआईवी/एड्स के मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। साल 2016 से 2025 तक जिले में 5108 मरीज सामने आए हैं। जिले में हर दिन औसतन 1-2 नए मरीजों की पहचान हो रही है। इस साल 30 नवंबर तक 11 महीनों में 352 नए मरीज दर्ज किए जा चुके हैं।
World AIDS Day 2025:ये आंकड़े सिम्स के एआरटी सेंटर से सामने आए हैं, जो मरीजों की पहचान करने और उन्हें दवाओं के माध्यम से जीवन देने का काम कर रहा है। जानकारों का कहना है कि अब भी लगभग आधे मरीजों की पहचान नहीं हो पाई है।
World AIDS Day 2025: विश्व एड्स दिवस का महत्व
World AIDS Day 2025:विश्व एड्स दिवस हर साल 1 दिसंबर को मनाया जाता है। इसका उद्देश्य लोगों को एड्स जैसी जानलेवा बीमारी से बचाने और जागरूकता फैलाने के लिए कार्यक्रम चलाना है।
World AIDS Day 2025: एड्स क्या है?
World AIDS Day 2025:एचआईवी (HIV) एक वायरस है जो शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को कमजोर करता है। इसके प्रभाव से विभिन्न बीमारियां तेजी से व्यक्ति को प्रभावित करती हैं। इस अवस्था को एड्स (AIDS) कहा जाता है।
World AIDS Day 2025:मरीजों की संख्या 5 हजार पार
World AIDS Day 2025:सिम्स के एआरटी सेंटर में मरीजों का उपचार और उन्हें समाज में जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। सेंटर खुलने के बाद से लगातार मरीज सामने आ रहे हैं और 2025 तक उनकी संख्या 5000 से अधिक हो गई है।
World AIDS Day 2025:बीमारी फैलने के मुख्य कारण
* असुरक्षित यौन संबंध
* संक्रमित सुई का बार-बार उपयोग
* वेश्यावृत्ति
* एचआईवी पीड़िता से जन्मा बच्चा
* इंजेक्शन से नशा करना
World AIDS Day 2025:जिले में ओएसटी सेंटर में 3000 से अधिक लोग नशे के लिए बार-बार सुई का इस्तेमाल कर रहे हैं। इनमें 600 से अधिक लोग एचआईवी संक्रमित हैं, जिनमें 30 से ज्यादा मरीज समय के साथ उपचार और जानकारी की कमी के कारण एड्स से प्रभावित हुए हैं।
World AIDS Day 2025:महिलाओं में जागरूकता बढ़ी
World AIDS Day 2025:राज्य के एनएफएचएस-5 के आंकड़ों के अनुसार, पहले केवल 20 प्रतिशत महिलाएं एचआईवी/एड्स के बारे में जानती थीं, जो अब बढ़कर 23 प्रतिशत हो गई हैं। शारीरिक संबंध के दौरान कंडोम के उपयोग से बचाव के बारे में पहले 57 प्रतिशत महिलाएं जानती थीं, अब यह आंकड़ा 76 प्रतिशत तक पहुंच गया है। सामाजिक जागरूकता और व्यापक परीक्षण के प्रयासों के बावजूद यह बीमारी अभी भी नियंत्रण से बाहर है, इसलिए मरीजों की पहचान और समय पर उपचार आवश्यक है।













