Comments on Brahmin daughters : भोपाल। अजाक्स (Ajaks) के प्रदेश अध्यक्ष और आईएएस अधिकारी संतोष वर्मा द्वारा ब्राह्मण समाज की बेटियों के संबंध में की गई आपत्तिजनक टिप्पणी के बाद उनका विरोध लगातार जारी है। इस मामले में अब रीवा सांसद जनार्दन मिश्रा ने सख्त रुख अपनाते हुए केंद्रीय राज्य मंत्री, कार्मिक लोक शिकायत एवं पेंशन विभाग डॉ. जितेंद्र सिंह को पत्र लिखा है। सांसद ने वर्मा के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई करने और उनकी भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) में हुई पदोन्नति की फिर से जांच कराने की मांग की है।
Comments on Brahmin daughters : सांसद के पत्र में गंभीर आरोप
सांसद जनार्दन मिश्रा ने अपने पत्र में आईएएस संतोष वर्मा पर कई गंभीर आरोप लगाए हैं:
अशोभनीय टिप्पणी: सांसद ने कहा है कि अधिकारी का बयान अशोभनीय, आपत्तिजनक और सामाजिक रूप से असंवेदनशील है, जो प्रधानमंत्री मोदी के महिला सशक्तिकरण अभियान के प्रति उनकी नकारात्मक मानसिकता को दर्शाता है।
मारपीट का पुराना केस: पत्र में उल्लेख किया गया है कि संतोष वर्मा के विरुद्ध पूर्व में एक महिला से मारपीट का प्रकरण दर्ज है, जिसमें वह जेल भी जा चुके हैं और मामला अभी कोर्ट में विचाराधीन है।
जाति बदलने का आरोप: सबसे गंभीर आरोप यह है कि राज्य प्रशासनिक सेवा (RAS) में अनुसूचित जाति वर्ग के अधिकारी होते हुए, उन्होंने भारतीय प्रशासनिक सेवा में चयन के लिए स्वयं को अनुसूचित जनजाति वर्ग का बताया। सांसद ने इस जाति बदलने के मामले की भी गहन जांच की मांग की है।
Comments on Brahmin daughters : फर्जीवाड़े के खुलासे की मांग
सांसद मिश्रा ने कहा कि यदि संतोष वर्मा की पदोन्नति से जुड़े प्रकरण की पूरी जांच होती है, तो उनके फर्जीवाड़े का खुलासा हो सकता है। उन्होंने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि एक जिम्मेदार व्यक्ति द्वारा समाज में विभाजन और तनाव पैदा करने वाली टिप्पणी करना गंभीर विषय है। सांसद ने मांग की है कि संतोष वर्मा की टिप्पणी के संबंध में अखिल भारतीय सेवा आचरण नियम 1968 के तहत तत्काल अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाए।













