मुंबई : IFFI 2025 के मंच पर शनिवार को वह ऐतिहासिक पल देखने को मिला, जिसे भारतीय सिनेमा लंबे समय तक याद रखेगा। बॉलीवुड के हाई-एनर्जी स्टार रणवीर सिंह और दक्षिण भारतीय सिनेमा के लीजेंड रजनीकांत जब आमने-सामने आए, तो पूरा ऑडिटोरियम तालियों से गूंज उठा। यह सिर्फ दो सितारों की मुलाकात नहीं थी, बल्कि भारतीय सिनेमा की दो पीढ़ियों, दो संस्कृतियों और दो असाधारण व्यक्तित्वों का शानदार संगम था।
रणवीर की एंट्री से बढ़ा जोश, थलाइवा के आते ही बदला माहौल
IFFI 2025 के मंच पर रणवीर सिंह अपने चिर-परिचित जोशीले अंदाज़ में पहुंचे। उनका सिग्नेचर गाना बजा, दर्शकों ने सीटियाँ और तालियाँ बजाकर उनका स्वागत किया। लेकिन जैसे ही रजनीकांत मंच पर दिखाई दिए, माहौल अचानक बदल गया। दर्शकों की आवाज़ तेज़ हो गई, कैमरे थलाइवा पर थम गए और पूरा हॉल सम्मान से भर उठा।रणवीर सिंह मंच पर आते ही रजनीकांत के सामने झुक गए और विनम्रता से कहा—”मैं इतना बड़ा नहीं हूं कि इतनी महान शख्सियत के बारे में कुछ कह सकूं।”इस बयान के साथ ही सभागार में तालियों की गूंज और तेज़ हो गई।
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रणवीर भावुक, रजनीकांत ने जीता दिल
रणवीर सिंह ने रजनीकांत को भारतीय सिनेमा का स्तंभ बताते हुए कहा कि उनके सामने खड़े होना किसी सम्मान से कम नहीं। दूसरी ओर, रजनीकांत अपनी सादगी और शांत मिज़ाज के साथ हमेशा की तरह सबका दिल जीतते नजर आए।
दोनों के व्यक्तित्वों में ज़मीन-आसमां का फर्क है—
- एक ओर रणवीर की चंचल उर्जा,
- दूसरी ओर रजनीकांत का सरल किंतु प्रभावी स्वभाव।
लेकिन मंच पर दोनों की मौजूदगी भारतीय सिनेमा की खूबसूरती को दर्शाती रही।
दो युगों का मेल—IFFI का Golden Moment
यह मुलाकात खास इसलिए भी थी क्योंकि यह भारतीय सिनेमा के दो युगों का प्रतिनिधित्व कर रही थी।रजनीकांत, जो पिछले 40 वर्षों से लाखों दिलों पर राज कर रहे हैं,रणवीर सिंह, जो नई पीढ़ी के सबसे प्रयोगशील और डायनामिक स्टार माने जाते हैं।दर्शकों और फैंस ने इस पल को “Indian Cinema का Royal Moment” करार दिया। सोशल मीडिया पर तस्वीरें और वीडियो तेजी से वायरल हो रहे हैं।
IFFI 2025 की शान बना यह पल
IFFI 2025 के इतिहास में यह दिन एक मील का पत्थर बन गया है। यह सिर्फ एक मुलाकात नहीं, बल्कि भारतीय सिनेमा की विविधता, सम्मान और भावनात्मक जुड़ाव का सच्चा प्रतीक बन गया।













