First ‘Digital Rabies Portal’ : ग्वालियर। ग्वालियर में डॉग बाइट (कुत्ते काटने) के बढ़ते मामलों और जागरूकता के अभाव में मरीजों की जान जाने की गंभीर समस्या को देखते हुए, एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। गजराराजा मेडिकल कॉलेज (जीआरएमसी) ने मध्य प्रदेश का पहला ‘डिजिटल रेबीज पोर्टल’ तैयार किया है। इस ऑनलाइन पोर्टल का उद्देश्य न केवल मरीजों को समय पर वैक्सीनेशन के लिए सचेत करना है, बल्कि शहर के उन क्षेत्रों की निगरानी भी करना है जहां डॉग बाइट के सबसे ज्यादा मामले सामने आते हैं।
First ‘Digital Rabies Portal’ : मॉनिटरिंग और एसएमएस अलर्ट की सुविधा
जीआरएमसी के डीन डॉ. आरकेएस धाकड़ ने बताया कि यह ऑनलाइन पोर्टल कम्युनिटी मेडिसिन विभाग द्वारा तैयार किया गया है और यह पूरे मध्य प्रदेश में अपनी तरह का पहला सॉफ्टवेयर है। ग्वालियर में डॉग बाइट के केस बड़ी संख्या में आते हैं, और कई मरीज समय पर वैक्सीनेशन की खुराक नहीं लेते हैं, जिससे उनकी जान चली जाती है। यह डिजिटल पोर्टल इस समस्या का समाधान करेगा।
एसएमएस अलर्ट: इस पोर्टल पर रेबीज के मरीजों का सारा रिकॉर्ड डिजिटल रूप से सुरक्षित रहेगा। जब भी वैक्सीन की अगली खुराक (डोज) की तारीख आएगी, तो मरीज को एसएमएस के माध्यम से स्वचालित सूचना भेजी जाएगी, जिससे खुराक छूटने की संभावना समाप्त हो जाएगी।
क्षेत्रीय मॉनिटरिंग: यह पोर्टल उन इलाकों की मॉनिटरिंग करेगा, जहां डॉग बाइट के सबसे ज्यादा केस दर्ज हो रहे हैं। इससे पुलिस, नगर निगम और स्वास्थ्य विभाग को उस क्षेत्र के नेचर (कारणों) और स्थिति को समझने में मदद मिलेगी, ताकि रोकथाम के उपाय किए जा सकें। First ‘Digital Rabies Portal’
डीन डॉ. धाकड़ ने विश्वास व्यक्त किया कि यह पोर्टल मरीजों की जान बचाने में तो कारगर साबित होगा ही, साथ ही शहर में डॉग बाइट की समस्या को नियंत्रित करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।













