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Stopping oxytocin : ऑक्सीटोसिन के इस्तेमाल पर रोक न लगाने से हाईकोर्ट नाराज, स्वास्थ्य प्रमुख सचिव और कलेक्टर को नोटिस

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Stopping oxytocin : ग्वालियर। दुधारू पशुओं, पोल्ट्री फार्म के चूजों और फल-सब्जियों में खतरनाक ऑक्सीटोसिन इंजेक्शन के धड़ल्ले से हो रहे इस्तेमाल पर अब तक प्रभावी रोक न लगाने को लेकर हाई कोर्ट की ग्वालियर खंडपीठ ने गहरी नाराजगी व्यक्त की है। न्यायालय ने इस गंभीर मामले में स्वास्थ्य विभाग के प्रमुख सचिव और कलेक्टर को नोटिस जारी करते हुए उनसे एक सप्ताह के भीतर जवाब तलब किया है।

Stopping oxytocin : हाई कोर्ट ने यह कार्रवाई एक अवमानना याचिका पर सुनवाई करते हुए की है। दरअसल, याचिकाकर्ता बीपी राजावत ने इस संबंध में एक जनहित याचिका दायर की थी, जिस पर न्यायालय ने 6 दिसंबर 2013 को ही ऑक्सीटोसिन इंजेक्शन पर प्रतिबंध लगाने और इसका इस्तेमाल फल-सब्जियों तथा दुधारू पशुओं में रोकने के स्पष्ट निर्देश दिए थे। कोर्ट ने यह भी निर्देशित किया था कि डॉक्टर की अनुमति के बिना इसकी बिक्री किसी भी हाल में नहीं होनी चाहिए।

Stopping oxytocin : बावजूद इसके, देखा जा रहा है कि बाजार में इस इंजेक्शन का इस्तेमाल निर्बाध रूप से जारी है। दुधारू पशुओं से अधिक दूध निकालने और फल-सब्जियों का आकार बढ़ाने के लिए इसका अवैध उपयोग किया जा रहा है। याचिकाकर्ता ने इसी निष्क्रियता को लेकर हाई कोर्ट में अवमानना याचिका दायर की, जिस पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने वर्तमान आदेश जारी किए हैं।

ऑक्सीटोसिन के धड़ाधड़ इस्तेमाल का मानव जीवन पर घातक असर पड़ रहा है। विशेषज्ञों के अनुसार, इसके सेवन से कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। वहीं, नई उम्र के लोगों में हार्ट अटैक और अन्य हृदय संबंधी समस्याएं भी सामान्य तौर पर देखने को मिल रही हैं।

याचिकाकर्ता वीपी सिंह ने कोर्ट के समक्ष अवमानना का पूरा मामला विस्तार से रखा। अब देखना होगा कि स्वास्थ्य विभाग के प्रमुख सचिव और कलेक्टर एक सप्ताह के भीतर कोर्ट में क्या जवाब प्रस्तुत करते हैं।

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VIKASH KHALKHO
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विकास कुमार खलखो एक डिजिटल पत्रकार, समाचार संपादक और SEO कंटेंट क्रिएटर हैं, जिन्हें पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में एक दशक से अधिक का अनुभव है। उन्होंने BJMC, Master of Journalism (MJ) और M.Phil. (मीडिया स्टडीज़) की डिग्री हासिल की है और दबंग दुनिया, हमर छत्तीसगढ़ योजना, हरिभूमि, सन स्टार डेली न्यूज़ और छत्तीसगढ़ की आवाज़ जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों के साथ काम किया है। उन्हें हिंदी पत्रकारिता, ब्रेकिंग न्यूज़ कवरेज, SEO-फ्रेंडली कंटेंट राइटिंग, डिजिटल पब्लिशिंग, कंटेंट स्ट्रैटेजी, थंबनेल डिज़ाइन और सोशल मीडिया मैनेजमेंट में विशेष महारत हासिल है। उनका उद्देश्य सटीक, निष्पक्ष और विश्वसनीय पत्रकारिता के माध्यम से पाठकों तक प्रभावशाली समाचार पहुँचाना और साथ ही उच्च गुणवत्ता वाला डिजिटल कंटेंट तैयार करना है।

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