China Anti Aging Drug : क्या इंसान 150 साल तक जी सकेगा? चीन की इस नई ‘एंटी-एजिंग गोली’ ने बढ़ाई उम्मीदें

0
191
mediciene
mediciene

नई दिल्ली : मानव सभ्यता की शुरुआत से ही लंबी उम्र को लेकर रहस्य और आकर्षण बना रहा है। भारतीय माइथोलॉजी से लेकर विश्व इतिहास तक, कई कहानियों में इंसानों के 100–200 साल तक जीने के उल्लेख मिलते हैं। हालांकि वैज्ञानिक तथ्यों के अनुसार आज की औसत उम्र लगभग 73 वर्ष तक पहुंच चुकी है। कुछ वैज्ञानिक मानते हैं कि सही डाइट, अनुशासन और पर्याप्त नींद के साथ इंसान 150 वर्ष तक जी सकता है, जबकि कई विशेषज्ञ इसे 120 वर्ष के आसपास सीमित मानते हैं।

इसी बहस के बीच हाल ही में चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की बातचीत ने दुनिया का ध्यान अपनी ओर खींचा, जब उनकी रिकॉर्डिंग में यह बात सामने आई कि मनुष्य 150 वर्ष या उससे भी अधिक जी सकता है। इससे कई लोग चिंतित भी हुए, लेकिन चीन के शेनझेन स्थित एक स्टार्टअप Lonvi Biosciences के वैज्ञानिकों के लिए यह विचार बिल्कुल संभव है।

Read More : Bihar NDA Election Result Celebration : बिहार में NDA गठबंधन की जीत के बाद इंदौर बीजेपी कार्यालय पहुंचे सीएम मोहन यादव….

अंगूर के बीज से बनने वाली ‘एंटी-एजिंग गोली’ क्या है?

चीन की बायोटेक कंपनी Lonvi Biosciences एक ऐसी दवा पर काम कर रही है, जो दावा करती है कि मनुष्य की उम्र को काफी बढ़ाया जा सकता है। इस गोली का मुख्य घटक है Procyanidin C1 (PCC1), जो अंगूर के बीज के अर्क में पाया जाता है।

कंपनी का दावा:

  • यह तत्व शरीर की कमजोर और बूढ़ी कोशिकाओं को समाप्त कर देता है।
  • स्वस्थ कोशिकाओं की रक्षा करता है।
  • नियमित सेवन के साथ इंसान की उम्र 100–120 वर्ष तक बढ़ सकती है।

हालाँकि कई वैज्ञानिकों का कहना है कि यह दावा केवल प्रारंभिक स्तर पर है और इंसानों पर बड़े पैमाने पर परीक्षण जरूरी हैं।

चीन में लंबी उम्र की परंपरा और वर्तमान स्थिति

दो हजार साल पहले चीन के पहले सम्राट Chin Shi Huang ने अमर जीवन की खोज में देशभर में औषधियों को तलाशा था, लेकिन वे मात्र 49 वर्ष की उम्र में ही मर गए।
आज चीन इस शोध में दुनिया की अग्रणी ताकतों में शामिल हो गया है।

हार्वर्ड मेडिकल स्कूल के वैज्ञानिक वादिम ग्लेडिशेव के अनुसार, चीन पहले इस क्षेत्र में काफी पीछे था, लेकिन पिछले कुछ वर्षों में वह तेजी से आगे बढ़कर पश्चिमी देशों की बराबरी पर पहुंच गया है।
पीपल्स डेली के मुताबिक, चीन में औसत जीवन प्रत्याशा 79 वर्ष है—वैश्विक औसत से 5 वर्ष ज्यादा, लेकिन जापान के 85 वर्ष के आंकड़े से अभी भी कम।

Read More : Bihar Election Result : डबल सेंचुरी की तरफ NDA! बिहार के रुझानों में 190 के पार हुईं सीटें, महागठबंधन बेदम

एंटी-एजिंग इंडस्ट्री तेज़ी से बढ़ रही है

चीन की अर्थव्यवस्था बढ़ने के साथ लोग अब सिर्फ जीना ही नहीं बल्कि लंबा और स्वस्थ जीवन जीना चाहते हैं। इसी कारण कई कंपनियाँ एंटी-एजिंग सप्लिमेंट्स, थेरेपी और टेक्नोलॉजी पर काम कर रही हैं।

Time Pie जैसी कंपनियाँ उम्र बढ़ाने वाली तकनीकों, सप्लिमेंट्स और रिसर्च को बढ़ावा दे रही हैं। हाल ही में शंघाई में हुए एक अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में कई चीनी और विदेशी वैज्ञानिकों ने नई एंटी-एजिंग क्रीम, दवाइयाँ, क्रायोजेनिक और हाइपरबैरिक चेंबर जैसी तकनीकों का प्रदर्शन किया—जिनके बारे में दावा है कि ये बुढ़ापा धीमा करती हैं।

Share The News

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here