Thursday, September 24, 2026
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Viral News : अयोध्या के इस मेडिकल कॉलेज में अनोखी सजा, गलती करने पर छात्रों को लिखना होगा 51 हजार बार ‘राम-राम’

ayodhya ram
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Ayodhya Medical Collage/अयोध्या : अयोध्या से मिली एक खबर के अनुसार यहां के राजर्षि दशरथ मेडिकल कॉलेज में अनुशासन सुधारने के लिए एक अनोखी पहल शुरू की गई है। मेडिकल कॉलेज के प्रधानाचार्य डॉ. सत्यजीत वर्मा ने आदेश जारी किया है कि अब कॉलेज परिसर में गलती करने वाले छात्र-छात्राओं और स्टाफ को किसी प्रकार की कठोर सजा नहीं दी जाएगी, बल्कि उन्हें अपनी कॉपी में ‘राम-राम’ लिखना होगा।

इसके साथ ही आज कॉलेज प्रशासन ने इसके लिए विशेष नोटबुक भी तैयार करवाई है, जिसमें 11,000 से लेकर 51,000 बार तक राम का नाम लिखने की व्यवस्था की गई है। यह दंड गलती की गंभीरता के आधार पर तय किया जाएगा।

अनोखी पहल की वजह: कठोर सजा से बचाना चाहता है प्रशासन
Ayodhya Medical Collage डॉ. वर्मा ने बताया कि कड़े दंड से कई बार छात्रों की मानसिक स्थिति पर नकारात्मक असर पड़ता है। कुछ मामले ऐसे भी सामने आए थे जब अनुशासनात्मक कार्रवाई के बाद छात्र अपने स्वाभाविक व्यवहार से भटकने लगे।

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इन्हीं स्थितियों को देखते हुए उन्होंने ऐसा विकल्प चुना, जो न केवल अनुशासन बनाए रखे, बल्कि छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य पर भी कोई प्रतिकूल प्रभाव न डाले। उनके अनुसार, “नाम जप से मन शांत होता है, संस्कार बढ़ते हैं और व्यक्ति के अंदर सकारात्मकता आती है।”

राम नाम लिखते-लिखते टेक्निशियन बना आस्तिक
अभियान की शुरुआत तब हुई जब एक टेक्निशियन अपने ड्यूटी स्थल से अनुपस्थित पाया गया। उसे दंडस्वरूप राम नाम लिखने को कहा गया।डॉ. वर्मा के अनुसार, “उसने एक कॉपी भरने के बाद खुद रुचि दिखानी शुरू कर दी। आज तक वह चार कॉपियां भर चुका है और लगातार लिख रहा है। यह बदलाव देखना सुखद है।”

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धर्म की बाध्यता नहीं: जो चाहे, अपना मंत्र लिख सकता है

Ayodhya Medical Collage प्रधानाचार्य ने स्पष्ट किया कि इस व्यवस्था में किसी भी धर्म की बाध्यता नहीं है।छात्र अपने धार्मिक भाव के अनुसार कोई भी पवित्र शब्द या नाम लिख सकते हैं—

  • कोई राम नाम लिख सकता है
  • कोई राधा नाम
  • और अन्य धर्म के छात्र अपने-अपने तरीके से नाम जप कर सकते हैं
  • उद्देश्य केवल छात्रों को सुधार की दिशा में प्रेरित करना है।

विशेष नोटबुक तैयार, 51,000 प्रविष्टियों तक की क्षमता
इसके लिए एक विशेष “नाम लेखन कॉपी” तैयार करवाई गई है, जिसमें क्रम संख्या के साथ हजारों रिक्त स्थान दिए गए हैं। इससे छात्रों को गिनती रखने में आसानी होगी और वह निर्धारित संख्या के अनुसार नाम लिख सकेंगे।

अब तक 4–5 छात्रों को मिल चुकी है यह सजा
यह पहल अभी प्रारंभिक स्तर पर है, लेकिन अब तक 4–5 छात्र और कर्मचारियों को यह दंड दिया जा चुका है। कॉलेज प्रशासन इसे किसी परंपरा के रूप में लागू नहीं कर रहा, बल्कि इसे एक सकारात्मक सुधार विधि के रूप में देख रहा है।

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