रीवा: सरकारी स्कूलों में पारदर्शिता और समय की पाबंदी सुनिश्चित करने के लिए लागू की गई ई-अटेंडेंस प्रणाली को लेकर रीवा शिक्षा विभाग में बड़ी लापरवाही सामने आई है। जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) सहित 35 प्राचार्यों ने इस प्रणाली से दूरी बना रखी थी, जिसके बाद संयुक्त संचालक ने सभी लापरवाह अधिकारियों को नोटिस जारी किया है।
सूचना और कार्रवाई: रीवा संभाग के संयुक्त संचालक लोक शिक्षण, नीरव दीक्षित ने बताया कि भोपाल से मिली सूची में उन अधिकारियों के नाम थे जिन्होंने ई-अटेंडेंस का उपयोग नहीं किया। सूची के आधार पर DEO सहित कुल 36 प्राचार्यों को नोटिस थमाया गया। सभी से सात दिन के भीतर जवाब मांगा गया है।
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सख्त निर्देश: संयुक्त संचालक ने स्पष्ट किया है कि यदि निर्धारित समय में संतोषजनक जवाब नहीं आता है, तो इन अधिकारियों की एक वर्ष की वेतन वृद्धि रोक दी जाएगी। यह कदम शिक्षा विभाग में अनुशासन और जवाबदेही सुनिश्चित करने के उद्देश्य से उठाया गया है।
पारदर्शिता सुनिश्चित करना लक्ष्य: ई-अटेंडेंस प्रणाली को लागू करने का मुख्य उद्देश्य सरकारी स्कूलों में उपस्थिति रिकॉर्ड को पारदर्शी बनाना और शिक्षक तथा प्राचार्यों की जवाबदेही सुनिश्चित करना है। अधिकारियों की उदासीनता इस प्रयास को कमजोर कर सकती है।
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आगे की कार्रवाई: विभाग ने सभी नोटिस प्राप्त अधिकारियों को चेतावनी दी है कि उन्हें समय रहते जवाब देना अनिवार्य है। इस कार्रवाई से शिक्षा विभाग में नियम पालन की गंभीरता और जवाबदेही का संदेश जाएगा।
नीरव दीक्षित, संयुक्त संचालक लोक शिक्षण रीवा संभाग ने कहा, “ई-अटेंडेंस का पालन करना सभी अधिकारियों की जिम्मेदारी है, लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।”














