बरेली। ‘आई लव मुहम्मद’ अभियान के विरोध-प्रदर्शनों के दौरान हुई हिंसा के बाद प्रशासन ने कड़े कदम उठाए हैं। सोमवार को बरेली नगर निगम ने मौलाना तौकीर रज़ा की संस्था इत्तेहाद-ए-मिल्लत काउंसिल (IMC) का कार्यालय सील कर दिया। यह दफ्तर एक शॉपिंग कॉम्प्लेक्स के अंदर था जिसे नगर निगम ने नाले पर अवैध अतिक्रमण के रूप में चिन्हित किया था, और उसी के आधार पर यह कार्रवाई की गई।
नगर निगम के अनुसार उस शॉपिंग कॉम्प्लेक्स का निर्माण नाले पर किया गया था और वह अवैध था। पहले भी कॉम्प्लेक्स को चिन्हित किया जा चुका था, जिसके बाद आज प्रत्यक्ष कार्रवाई करते हुए IMC कार्यालय पर मोहर लगा दी गई। प्रशासन ने कहा है कि नाले और सार्वजनिक स्थानों पर अतिक्रमण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
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बरेली में हुई हिंसा की एफआईआर में मौलाना तौकीर रज़ा खान को मुख्य आरोपी (नंबर-1) बनाया गया है। प्राथमिकी में आरोप है कि रज़ा ने अपने समर्थकों से शहर का माहौल बिगाड़ने का आह्वान किया और कथित रूप से कहा कि जरूरी पड़े तो पुलिस कर्मियों को भी निशाना बनाया जाए। यह बयान एफआईआर में गंभीर आरोपों के रूप में दर्ज किया गया है।
हिंसा के मामलों में गिरफ्तारी और दफ्तर सील किए जाने के बाद शहर में सुरक्षा बढ़ा दी गई है। स्थानीय प्रशासन और पुलिस टीमों ने सार्वजनिक स्थानों पर निगरानी कड़ा कर दी है ताकि किसी भी प्रकार की कानून-व्यवस्था भंग करने की कोशिश को रोका जा सके। प्रभावित इलाकों में लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की जा रही है।
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मौजूदा स्थिति में जांच जारी है और प्रशासन ने कहा है कि जिन भी ठोस तथ्य और साक्ष्य मिलेंगे, उनके आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। वहीँ से संबंधित पक्षों के बयान और कानूनी प्रक्रियाओं का इंतजार जारी है।













