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पाकिस्तान पर दोहरा वार! सिंधु जल समझौता सस्पेंड के बाद मोदी सरकार का अगला इक्का… चिनाब नदी पर अब हाइड्रो पावर प्रोजेक्ट

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निशानेबाज न्यूज़ डेस्क : केंद्र सरकार ने जम्मू-कश्मीर में ऊर्जा अवसंरचना को मजबूत करने की दिशा में अहम कदम उठाते हुए चिनाब नदी पर बड़े हाइड्रो इलेक्ट्रिक प्रोजेक्ट को आगे बढ़ाया है। इस परियोजना के लिए सरकारी कंपनी एनएचपीसी ने औपचारिक रूप से टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी है, जिससे संकेत मिलता है कि काम को तेज गति से आगे बढ़ाया जाएगा।

रामबन जिले में प्रस्तावित सावलकोट हाइड्रो इलेक्ट्रिक प्रोजेक्ट पर हजारों करोड़ रुपये की लागत आने का अनुमान है। तय समयसीमा के भीतर निर्माण कार्य पूरा करने के लिए विस्तृत तकनीकी और इंजीनियरिंग ढांचा तैयार किया गया है। टेंडर प्रक्रिया में बोली जमा करने की निर्धारित अवधि और वैधता अवधि भी तय कर दी गई है, जिससे परियोजना के समयबद्ध क्रियान्वयन पर जोर दिखाई देता है।

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परियोजना के प्रमुख निर्माण कार्य

इस मेगा प्रोजेक्ट के तहत डाइवर्जन टनल, एडिट, कोफर डैम, एक्सेस टनल, स्पाइरल टनल और सड़क संपर्क से जुड़े ढांचे सहित कई सहायक निर्माण किए जाएंगे। सभी कार्यों को एक समेकित पैकेज के रूप में विकसित करने की योजना है ताकि निर्माण प्रक्रिया में समन्वय बना रहे और समय की बचत हो सके। सरकार ने इस परियोजना से बड़ी मात्रा में विद्युत उत्पादन का लक्ष्य निर्धारित किया है, जो क्षेत्रीय बिजली आपूर्ति को स्थिर बनाने में मदद करेगा।

रणनीतिक और क्षेत्रीय महत्व

चिनाब नदी सिंधु बेसिन का महत्वपूर्ण हिस्सा है और इसका जल प्रवाह क्षेत्रीय जल-व्यवस्था से जुड़ा हुआ माना जाता है। ऐसे में इस नदी पर बुनियादी ढांचे का विकास ऊर्जा सुरक्षा के साथ-साथ रणनीतिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। विशेषज्ञों के अनुसार, इस तरह की परियोजनाएं न केवल बिजली उत्पादन बढ़ाती हैं बल्कि स्थानीय रोजगार, सड़क संपर्क और आर्थिक गतिविधियों को भी गति देती हैं।

कुल मिलाकर सावलकोट हाइड्रो प्रोजेक्ट जम्मू-कश्मीर में विकास, ऊर्जा आत्मनिर्भरता और इंफ्रास्ट्रक्चर विस्तार की दिशा में एक अहम कदम के रूप में देखा जा रहा है, जिसका प्रभाव आने वाले वर्षों में व्यापक स्तर पर दिखाई दे सकता है।

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