दिल्ली। इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय (IGI) एयरपोर्ट पर इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB) और दिल्ली पुलिस ने एक बहरूपिए को गिरफ्तार किया है। सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार, यह गिरफ्तारी दक्षिण भारत में सक्रिय एक बड़े गिरोह के बारे में अहम सुराग भी सामने लाती है।
एयरपोर्ट सुरक्षा के सीनियर अधिकारी ने बताया कि 24–25 सितंबर की मध्य रात्रि को एक युवक नेवार्क (अमेरिका) जाने के लिए टर्मिनल थ्री पर पहुंचा। उसे यूनाइटेड एयरलाइंस की फ्लाइट UA-83 से रवाना होना था। पासपोर्ट में उसका नाम चंद्र बहादुर दीपक और पता तमिलनाडु के विल्लुपुरम का दर्ज था।
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इमिग्रेशन अफसर नवजीत सिंह ने उसकी बातचीत और हाव-भाव में अनियमितता देखी और गहन पूछताछ शुरू की। पूछताछ में यह खुलासा हुआ कि युवक भारतीय मूल का नहीं है और उसने तमिलनाडु के गिरोह की मदद से फर्जी भारतीय दस्तावेज़—जन्म प्रमाणपत्र, वोटर आईडी, आधार कार्ड और पासपोर्ट—हासिल किए थे।
सुरक्षा अधिकारियों ने बताया कि पूछताछ में किए गए खुलासे की पुष्टि उसके मोबाइल फोन से हुई, जिसमें असली नागरिकता का आईडी कार्ड मिला।
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IB और दिल्ली पुलिस अब पूरे गिरोह की तफ्तीश में जुट गई हैं, ताकि पता लगाया जा सके कि कितने विदेशी नागरिक इस गिरोह की मदद से फर्जी दस्तावेज़ लेकर भारत में रह रहे हैं और उनका उद्देश्य क्या है।









