Indian Stock Market : मुंबई। बीते चार दिनों में सेंसेक्स और निफ्टी में करीब 1.5% की गिरावट दर्ज की गई है, जिससे निवेशकों को लगभग 5 लाख करोड़ रुपए का नुकसान हुआ है। विशेषज्ञों का कहना है कि यह गिरावट केवल अमेरिका के एच1बी वीजा शुल्क में वृद्धि और ट्रेड टैरिफ के कारण नहीं है, बल्कि कई और कारण भी बाजार पर दबाव डाल रहे हैं।
Indian Stock Market : वीजा शुल्क और अमेरिकी टैरिफ: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के एच1बी वीजा शुल्क में इजाफे ने भारतीय आईटी कंपनियों की लागत बढ़ा दी है। अमेरिका ने भारत पर 50% तक टैरिफ लगाया है, जिससे दोनों देशों के बीच ट्रेड डील पर अनिश्चितता बढ़ी।
आईटी शेयरों में दबाव: टीसीएस, इंफोसिस, विप्रो, टेक महिंद्रा और एचसीएल टेक जैसे बड़े आईटी शेयरों में लगातार मुनाफावसूली हो रही है।
विदेशी निवेशकों का पलायन: सितंबर में विदेशी निवेशकों ने भारतीय शेयर बाजार से 11,582 करोड़ रुपए निकाल लिए हैं।
रुपया और कच्चे तेल की कीमतें: डॉलर के मुकाबले रुपया रिकॉर्ड लोअर पर है और ब्रेंट क्रूड की कीमतें 70 डॉलर प्रति बैरल के करीब पहुंच गई हैं।
निवेशकों के नुकसान का आंकड़ा: 18 सितंबर को बीएसई का मार्केट कैप 4,65,73,486.22 करोड़ रुपए था, जो 24 सितंबर तक घटकर 4,60,56,946.88 करोड़ रुपए हो गया। इस चार दिन के अंतराल में निवेशकों को कुल 5,16,539.34 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ।
विशेषज्ञों का कहना है कि शेयर बाजार पर दबाव कई कारकों के संयोजन से है, जिसमें वैश्विक ट्रेड तनाव, मुद्रा के उतार-चढ़ाव और कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें शामिल हैं। निवेशकों को सतर्क रहने और लंबी अवधि की रणनीति अपनाने की सलाह दी जा रही है।













