जबलपुर। Jabalpur News : नवरात्रि के उत्सव में देश-प्रदेश की संस्कारधानी जबलपुर में माता दुर्गा की भक्ति का अलग ही नजारा देखने को मिल रहा है। बड़ी खेर माई मंदिर में सुबह से ही श्रद्धालुओं की भीड़ लगी हुई है। भक्त सुबह से ही मंदिर पहुंचकर माता रानी को जल अर्पित कर अपनी मन्नत मांगते नजर आ रहे हैं।
Jabalpur News : बड़ी खेर माई मंदिर आदिशक्ति के 52वें गुप्त शक्तिपीठ के रूप में प्रसिद्ध है। देवी पुराण में इसका उल्लेख है कि यहां सती माता का जबड़ा गिरा था। इस मंदिर का निर्माण कलचुरी वंश के राजा नरसिंह देव की माता अल्हण देवी ने कराया था।
इतिहास में उल्लेख है कि कलचुरी काल के बाद गोंडवाना साम्राज्य का उदय हुआ। 1290 में तुर्क सूबेदार अलाउद्दीन खिलजी ने गोंडवाना पर हमला किया। तत्कालीन गोंड राजा मदनशाह परास्त होकर खेरमाई मां की शिला के पास बैठे, जहां उन्हें आध्यात्मिक अनुभूति हुई। पूजा के बाद शक्ति का संचार हुआ और मदनशाह ने तुर्क सेना को परास्त कर खदेड़ दिया।
सन् 1480 में अमानदास गोंडवाना के महाप्रतापी सम्राट बने, जो राजा संग्रामशाह के नाम से प्रसिद्ध हुए। इस ऐतिहासिक और धार्मिक महत्व वाले मंदिर में नवरात्रि के दौरान श्रद्धालुओं का जोश और भक्ति का माहौल अद्भुत दिखाई दे रहा है।













