ग्वालियर। Gwalior News : मध्य प्रदेश के ग्वालियर जिले में हुई जनसुनवाई के दौरान एक ऐसा आवेदन सामने आया, जिसने अधिकारियों को चौंका दिया और सोचने पर मजबूर कर दिया। आवेदनकर्ता एक पूर्व शराबी मजदूर था, जिसने सुझाव दिया कि शराब केवल उन्हीं मजदूरों को मिले जिनका आधार कार्ड सत्यापित हो।
उसने तर्क दिया कि यदि इस तरह की शर्त लागू हो जाए, तो कामगार वर्ग के परिवारों की ज़िंदगी में हर दिन “ईद और दिवाली” जैसी खुशियाँ लौट सकती हैं। आवेदन नंबर 154 में दर्ज यह मांग न केवल अनोखी थी, बल्कि इसमें एक गहरी सामाजिक पीड़ा भी छिपी थी।
आवेदक का कहना था कि शराब ने उसकी ज़िंदगी तबाह कर दी थी, लेकिन अब वह सुधार चुका है और चाहता है कि बाकी मजदूर भी इस दलदल से बाहर निकलें। उसका सुझाव है कि आधार कार्ड से ट्रैकिंग हो, ताकि रोज़ की कमाई शराब में न झोंकी जा सके।
प्रशासन ने आवेदन को गंभीरता से लेते हुए उच्च स्तर पर भेजने की बात कही है। यह मामला अब शराब नीति पर नए विमर्श को जन्म दे रहा है।











