CG NHM Strike : रायपुर, छत्तीसगढ़। छत्तीसगढ़ में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) के 16 हज़ार से ज़्यादा संविदा कर्मचारियों का आंदोलन आज 22वें दिन में प्रवेश कर गया है। सरकार की बर्खास्तगी और चेतावनी के बावजूद, कर्मचारी अपने ‘आर-पार’ के इरादे से डटे हुए हैं और अब ‘जल सत्याग्रह’ का सहारा ले रहे हैं।
CG NHM Strike : यह अनोखा विरोध प्रदर्शन राज्य के सभी ज़िलों में हो रहा है, जहाँ कर्मचारी पानी में उतरकर अपनी मांगों के प्रति दृढ़ संकल्प दिखा रहे हैं। इस कदम को सरकार पर दबाव बनाने की एक नई रणनीति के तौर पर देखा जा रहा है।
क्यों जारी है यह आंदोलन?
NHM कर्मचारी अपनी 10-सूत्रीय मांगों को लेकर 18 अगस्त से हड़ताल पर हैं। इनमें सबसे प्रमुख मांगें संविदा कर्मचारियों का नियमितीकरण, वेतन वृद्धि, और नौकरी की सुरक्षा हैं।
सरकार और कर्मचारियों के बीच टकराव
सोमवार को सरकार ने हड़ताल कर रहे कर्मचारियों को 24 घंटे के भीतर काम पर लौटने का आदेश दिया था और ऐसा न करने पर बर्खास्तगी की चेतावनी दी थी। इस पर कर्मचारियों ने कड़ा जवाब दिया। NHM कर्मचारी संघ के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. अमित कुमार मिरी ने कहा, “अब सिर्फ आश्वासन नहीं, ठोस फैसले चाहिए।” उन्होंने यह भी चेतावनी दी है कि अगर सरकार जल्द सुनवाई नहीं करती है, तो वे विधानसभा का घेराव करेंगे और मंत्रियों-विधायकों के घरों के बाहर भी प्रदर्शन करेंगे।
CG NHM Strike
सोमवार को, कर्मचारियों ने आदेश की कॉपी को स्वास्थ्य संचालनालय के सामने ही जला दिया, जो उनके उग्र रुख को दर्शाता है। इससे पहले भी वे मुखौटा पहनकर नाचने और खून से पत्र लिखने जैसे विरोध प्रदर्शन कर चुके हैं।
स्वास्थ्य सेवाएं ठप, सरकार बेबस
NHM कर्मचारियों की हड़ताल ने राज्य की स्वास्थ्य सेवाओं को पूरी तरह से ठप कर दिया है। ग्रामीण और शहरी, दोनों क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाएं बुरी तरह प्रभावित हैं। इस बीच, सरकार ने दबाव बनाने की कोशिश में 25 कर्मचारियों को बर्खास्त भी कर दिया है, जिसमें NHM संविदा कर्मचारी संगठन के प्रदेश संरक्षक हेमंत सिन्हा और महासचिव कौशलेश तिवारी भी शामिल हैं। हालांकि, इन कार्रवाइयों से कर्मचारियों का मनोबल कम होने के बजाय और भी मज़बूत हुआ है।
कर्मचारियों का कहना है कि सरकार बातचीत के रास्ते बंद कर रही है, और विरोध ही एकमात्र विकल्प बचा है। जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, उनका आंदोलन जारी रहेगा।









