सिंगरौली, 08 सितंबर 2025 : सिंगरौली जिले के गनियारी क्षेत्र (वार्ड क्रमांक 41) में अवैध मुर्म खनन का खेल खुलेआम जारी है। रेलवे क्रॉसिंग के पास रोजाना भारी संख्या में ट्रैक्टर और जेसीबी खनन और परिवहन के लिए गड़गड़ाहट के साथ चलते दिखाई देते हैं, लेकिन आश्चर्यजनक बात यह है कि प्रशासन, खनिज विभाग और यातायात पुलिस सब कुछ जानते हुए भी मौन साधे हुए हैं।
खनन माफिया दबंग और बेखौफ
यातायात पुलिस सड़क पर बाइक सवारों पर सख्त कार्रवाई करती है, वहीं अवैध खनन में लगे वाहन बिना नंबर प्लेट के पुलिसकर्मियों की आंखों के सामने से गुजरते रहते हैं। स्थानीय लोग सवाल उठाते हैं कि आखिर इन माफियाओं के खिलाफ कार्रवाई क्यों नहीं हो रही।
खानापूर्ति जैसी विभागीय कार्रवाई
सूत्रों के अनुसार, कुछ समय पहले खनिज विभाग ने छापेमारी कर कई ट्रैक्टर, जेसीबी और हाइवा ट्रकों को जब्त किया था। लेकिन यह कार्रवाई स्थायी साबित नहीं हुई और माफिया ने कुछ ही दिनों बाद उसी स्थान पर अवैध खनन शुरू कर दिया।
पर्यावरण और सड़कों पर असर
अवैध खनन से प्राकृतिक संरचना और मिट्टी की गुणवत्ता प्रभावित हो रही है। लगातार भारी वाहनों की आवाजाही से सड़कें खस्ताहाल हो गई हैं। स्थानीय लोगों को रोजाना जाम और धूल-मिट्टी की समस्या झेलनी पड़ रही है। खेतों और जानवरों की सुरक्षा भी खतरे में है।
नाबालिग बच्चों को ट्रैक्टर चलाने की अनुमति
इस अवैध कारोबार की सबसे भयावह तस्वीर तब सामने आती है जब नाबालिग बच्चों को ट्रैक्टर की स्टेरिंग संभालते देखा जाता है। शराब के नशे में धुत्त वाहन चलाते ये किशोर किसी भी समय बड़ा हादसा कर सकते हैं।
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सूचना पर भी कार्रवाई नहीं
स्थानीय लोगों ने कई बार पुलिस और खनिज विभाग को जानकारी दी, लेकिन हर बार कार्रवाई में देरी होती है या टीम मौके पर नहीं पहुँचती। इससे यह धारणा बन गई है कि खनन माफिया और अधिकारियों के बीच गुप्त सांठगांठ है।
लोगों की मांग
गनियारी क्षेत्र के लोग लगातार प्रशासन से सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। अब सवाल यह है कि क्या जिला प्रशासन और खनिज विभाग इस अवैध कारोबार को रोकने के लिए गंभीर हैं या फिर माफियाओं की आड़ में कोई और खेल चल रहा है।









