बालोद, 5 सितंबर 2025। छत्तीसगढ़ सर्व आदिवासी समाज ने सहायक उपनिरीक्षक हीरामन मंडावी की आत्महत्या को पुलिस विभाग में व्याप्त भ्रष्टाचार और मनुवादी विचारधारा का परिणाम बताया है। समाज ने इसे आदिवासी समुदाय पर सुनियोजित अत्याचार करार देते हुए दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की।
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प्रदेश अध्यक्ष जे.एल. मरई ने बैठक में कहा कि थाना प्रभारी द्वारा अवैध वसूली, अपमान और मानसिक प्रताड़ना ने मंडावी को आत्महत्या जैसे चरम कदम के लिए मजबूर किया। समाज ने मांग रखी कि दोषी थाना प्रभारी पर IPC की धारा 306, 384, भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम और SC/ST अत्याचार निवारण अधिनियम के तहत तुरंत कार्रवाई हो।
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बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि 10 सितंबर को बालोद में चक्का जाम और व्यापक आंदोलन किया जाएगा। जिलाध्यक्ष तुकाराम कोर्राम ने कहा कि यह आंदोलन आदिवासी समाज की एकजुटता और स्वाभिमान का प्रतीक होगा।
समाज ने प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन पूरे राज्य में फैलाया जाएगा।
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बैठक में प्रदेश अध्यक्ष जीवराखन मरई, जिलाध्यक्ष तुकाराम कोर्राम, युवाध्यक्ष ललित कावरे, गोंडवाना समाज जिलाध्यक्ष प्रेमलाल कुंजाम, ब्लॉक अध्यक्ष कामता प्रसाद ध्रुव, कुशल सिंह मंडावी, राजकुमार प्रभाकर, कोषाध्यक्ष कपूर सिंह नेताम, संरक्षक लीलाधर मंडावी समेत बड़ी संख्या में समाज के वरिष्ठ व युवा शामिल हुए।
सर्व आदिवासी समाज ने स्पष्ट किया कि अब पुलिस विभाग में आदिवासी कर्मचारियों के सम्मान और सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। यह आंदोलन आदिवासी समाज के अधिकारों और स्वाभिमान की रक्षा का ऐतिहासिक कदम होगा।













