नई दिल्ली / स्विट्जरलैंड: मशहूर कंपनी नेस्ले ने अपने CEO लॉरेंट फ्रीक्स को पद से हटा दिया है। यह कदम उस इंटरनल जांच के बाद उठाया गया, जिसमें सामने आया कि फ्रीक्स का अपनी पीए (PA) के साथ अफेयर था। कंपनी का कहना है कि यह सीधे तौर पर उसके कोड ऑफ बिजनेस कंडक्ट का उल्लंघन है।
नेस्ले ने बयान जारी कर कहा कि कंपनी को इस रिश्ते की जानकारी नहीं थी। कंपनी के चेयरमैन पॉल बल्के और लीड इंडिपेंडेंट डायरेक्टर पाब्लो इस्ला ने जांच की निगरानी की, जिसमें बाहरी वकीलों की मदद भी ली गई। पॉल बल्के ने कहा कि यह कदम आवश्यक था क्योंकि नेस्ले के मूल्य और नियम सर्वोपरि हैं। उन्होंने लॉरेंट फ्रीक्स की लंबी सेवा के लिए धन्यवाद भी दिया।
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नई नियुक्ति:
नेस्ले ने फिलिप नवरातिल को नया CEO नियुक्त किया है। नवरातिल इससे पहले कंपनी में सीनियर वाइस प्रेसिडेंट और कॉफी स्ट्रैटजिक बिज़नेस यूनिट के हेड थे। नए CEO को मुख्य रूप से नेस्ले के नेस्प्रेसो ब्रांड को मजबूत करने और ग्लोबल पार्टनरशिप रणनीतियों को संभालने के लिए जाना जाता है।
लॉरेंट फ्रीक्स का करियर:
लॉरेंट फ्रीक्स का नेस्ले के साथ करियर करीब 40 साल का रहा। उनका जन्म पेरिस में हुआ और उन्होंने École des Hautes Études Commerciales du Nord, Lille से पढ़ाई की।
वर्ष 1986 में उन्होंने नेस्ले फ्रांस से जुड़कर मार्केटिंग और सेल्स विभाग में काम शुरू किया। 1999 में उन्हें न्यूट्रिशन डिवीजन की जिम्मेदारी मिली। 2003 में फ्रीक्स ने नेस्ले हंगरी के CEO का पद संभाला और 2007 तक कंपनी के इबेरियन रीजन का नेतृत्व किया। सितंबर 2024 में उन्हें CEO बनाया गया था, जब उन्होंने मार्क श्नाइडर की जगह ली।
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शेयर बाजार और प्रभाव:
पिछले साल नेस्ले के शेयरों में लगभग 25% की गिरावट आई, जिससे स्विट्जरलैंड में निवेशकों में चिंता बढ़ी। विशेष रूप से जर्मनी के कई पेंशन फंड्स ने कंपनी में भारी निवेश किया हुआ था।
फिलिप नवरातिल का करियर:
फिलिप ने 2001 में नेस्ले में इंटरनल ऑडिटर के रूप में शुरुआत की। 2009 में उन्हें नेस्ले होंडुरास का कंट्री मैनेजर बनाया गया। 2013 में वे मेक्सिको में कॉफी और बेवरेज डिविजन को संभालने लगे। पिछले साल उन्हें नेस्प्रेसो का CEO नियुक्त किया गया और इस साल वे कंपनी के एग्जीक्यूटिव बोर्ड का हिस्सा बने।











